तेहरान, 02 मार्च (वार्ता) इजरायल तथा अमेरिका का ईरान पर संयुक्त हमला और उसकी जवाबी कार्रवाई सोमवार को तीसरे दिन भी जारी रही जिसमें अब तक ईरान में करीब 555 लोगों की मौत हो गयी है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई में पड़ोसी देशों में अमेरिकी सैन्य अड्डो को आज भी निशाना बनाया गया। इस बीच सैन्य कार्रवाई में मारे गये ईरान के नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की घायल पत्नी की मौत हो गयी। सरकारी टीवी ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए उन्हें शहीद करार दिया।
इजरालय ने ईरान के साथ साथ लेबनान को भी निशाना बनाया और दावा किया कि उसने वहां सक्रिय आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के खुफिया प्रमुख हुसैन माकलेद को मार डाला है। इससे पहले लेबनान ने कहा कि दक्षिणी इलाकों और राजधानी बेरूत पर इजरायली हवाई हमलों में कम से कम 31 लोग मारे गए और डेढ़ सौ से अधिक घायल हो गए।
लेबनान के प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने हिजबुल्ला की सैन्य गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा करते हुए इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच संगठन से अपने हथियार सौंपने का आग्रह किया है।
इस जंग में यूरोपीय देशों ने भी हस्तक्षेप करने का ऐलान कर दिया है। ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कहा है कि वे ईरान के खिलाफ ‘आवश्यक और आनुपातिक रक्षात्मक कार्रवाई’ के लिए तैयार हैं। तीनों देशों की ओर से रविवार को जारी संयुक्त बयान में कहा गया, ” हम क्षेत्र में अपने और अपने सहयोगियों के हितों की रक्षा के लिए कदम उठाएंगे, ताकि ईरान की मिसाइल और ड्रोन दागने की क्षमता को उनके स्रोत पर नष्ट किया जा सके।” बयान में कहा गया कि इस मुद्दे पर तीनों देश अमेरिका और क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करेंगे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने कहा कि ब्रिटेन ने अमेरिकी अनुरोध स्वीकार करते हुए अपने ठिकानों के उपयोग की अनुमति ‘विशिष्ट और सीमित रक्षात्मक उद्देश्य’ के लिए दी है।
रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार, अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 555 लोग मारे गए हैं। ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले में कम से कम 168 छात्राएं मारी गयीं, जबकि राजधानी और उत्तरी ईरान में अलग-अलग हमलों में तीन अन्य छात्र मारे गए। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान में एक चीनी नागरिक भी मारा गया है। साइप्रस के दक्षिणी तट पर अक्रोटिरी में ब्रिटिश एयरबेस पर सोमवार सुबह एक ड्रोन ने हमला किया। इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
यूरोपीय यूनियन (ईयू) की अध्यक्ष उर्सूला वान डेर लेयेन ने कहा है कि पश्चिम एशिया की स्थिति अब भी अस्थिर बनी हुई है, लेकिन ईरान के लंबे समय से पीड़ित लोगों के लिए एक नयी उम्मीद जगी है।
इजरायल के अनुसार, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू होने के बाद से इजरायल में कम से कम 10 लोग मारे गए हैं और 200 से अधिक घायल हुए हैं।
इराक के ‘पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्सेज’ (एक ईरान समर्थित अर्धसैनिक समूह) के चार सदस्य एक अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए। संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ईरान के जवाबी ड्रोन से किए हमलों में यूएई में तीन लोग मारे गए हैं। इसके अलावा कुवैत में एक संदिग्ध ड्रोन हमले में तीन अमेरिकी सेवा सदस्य (सैनिक) मारे गए। बहरीन की सरकारी मीडिया ने बताया कि सलमान इंडस्ट्रियल सिटी में एक रोके गए मिसाइल के मलबे से एक “विदेशी जहाज” पर आग लग जाने के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। इससे इतर पाकिस्तान के कुछ शहरों में ईरान समर्थकों पर पुलिस की गोलीबारी में 23 लोगों की मौत की खबर भी है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार तीन अमेरिकी लड़ाकू विमान कुवैत की ओर से गलती से हुए हमले में गिर गए हैं। सेंटकॉम के बयान के अनुसार, कुवैती हवाई रक्षा प्रणाली ने सोमवार को गलती से ‘एफ-15 स्ट्राइक ईगल’ लड़ाकू विमानों को मार गिराया।
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नये नेतृत्व के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू करने पर सहमति जतायी है। श्री ट्रम्प ने ‘द अटलांटिक’ पत्रिका को दिए एक टेलीफोन साक्षात्कार में कहा है “वे बातचीत करना चाहते हैं और मैंने बातचीत के लिए सहमति दे दी है, इसलिए मैं उनसे बात करूंगा।” उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वे किससे बात करेंगे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ किसी भी नयी बातचीत से इनकार कर दिया है। श्री लारीजानी ने “पर्दे के पीछे गोपनीय बातचीत” की खबरों को खारिज कर दिया है और अमेरिकी राष्ट्रपति पर आरोप लगाया कि उन्होंने “भ्रम वाली हरकतें” करके इस इलाके को अस्थिरता में धकेल दिया।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने पश्चिम एशिया संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से संयम बरतने का आह्वान किया है। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने कहा है कि अब तक ईरान के किसी भी परमाणु ठिकाने पर हमला नहीं हुआ है, लेकिन ‘रेडियोधर्मिता रिसाव ‘ की संभावना को टाला नहीं जा सकता। आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रोसी ने ईरान और पश्चिम एशिया में जारी सैन्य हमलों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और परमाणु प्रतिष्ठानों पर किसी भी तरह के सशस्त्र हमले से बचने की अपील की है। श्री ग्रोसी ने कहा कि आईएईए स्थिति की निगरानी जारी रखेगा और यदि परमाणु सुरक्षा में कोई उल्लंघन होता है तो सदस्य देशों को तत्काल तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए तैयार है। उन्होंने आगाह किया कि यदि रेडियोधर्मिता रिसाव होता है तो बड़े शहरों को खाली कराने की नौबत आ सकती है।
ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध कोई ” रातों-रात चलने वाला ऑपरेशन” नहीं होगा और उन्होंने चेतावनी दी कि और अधिक अमेरिकी सैनिकों के हताहत होने की आशंका रखनी चाहिए। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध की तुलना इराक युद्ध से नहीं की जा सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि वाशिंगटन किसी दूसरे इराक जैसे दलदल में नहीं फंस रहा है, बल्कि तेहरान की सैन्य शक्ति और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कुचलने के लिए एक निर्णायक अभियान चला रहा है।
पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बीच सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जबकि एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गयी। होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों और मार्ग के प्रभावी रूप से बाधित होने की खबरों ने बाजारों को झटका दिया। एशिया में शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जबकि शुक्रवार को इसका बंद भाव 72.87 डॉलर था। शेयर बाजारों में जापान का निक्केई सूचकांक शुरुआती कारोबार में 2.2 प्रतिशत गिरा, जबकि सिडनी का बाजार 0.5 प्रतिशत नीचे रहा। सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने में दो प्रतिशत की तेजी दर्ज की गयी। इस रास्ते से वैश्विक समुद्री तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्से का आवागमन होता है। ईरान ने औपचारिक रूप से मार्ग बंद करने की घोषणा नहीं की है, लेकिन उसकी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस मार्ग से गुजरने के खिलाफ चेतावनी दी है। ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ के अनुसार, रविवार को ओमान और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के तट के पास दो जहाजों को निशाना बनाया गया।
