वाशिंगटन/नयी दिल्ली, 02 मार्च (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को चेतावनी दी कि ईरान पर सैन्य हमले तब तक जारी रहेंगे जब तक वाशिंगटन के सभी लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। उन्होंने तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत का बदला लेने की कसम खाई।
ट्रंप की ये टिप्पणी ईरान द्वारा संयुक्त अरब अमीरात और अन्य खाड़ी देशों, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं, को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले करने के बाद शत्रुता में तीव्र वृद्धि के बीच आई है। ईरानी कार्रवाई को अमेरिका और इज़रायल द्वारा पहले किए गए संयुक्त हमलों का प्रतिशोध बताया गया है।
अमेरिकी सेना ने कहा है कि उसने इज़रायल के साथ मिलकर किए गए एक बड़े समन्वित हमले के बाद पिछले 24 घंटों में ईरान के अंदर 1,000 से अधिक ठिकानों पर हमले किए हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और लगभग 40 वरिष्ठ राजनीतिक और सैन्य अधिकारी मारे गए, जिससे ईरान के नेतृत्व ढांचे को निर्णायक झटका लगा है।
इस स्थिति ने व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है, जिसके चलते खाड़ी देशों ने अपनी सेनाओं को हाई अलर्ट पर रखा है।
इसी बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात के बाद अपने इजरायली समकक्ष को फोन किया और उनसे स्थिति पर चर्चा की।
बाद में श्री मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से क्षेत्रीय स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बात हुई। हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं से अवगत कराया और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। भारत ने शत्रुता को शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता को दोहराया।”
