
मुंगावली। 1962 के भारत-चीन युद्ध में रेजंगला की ऐतिहासिक लड़ाई में शहीद हुए वीर अहीर सैनिकों की रजत कलश यात्रा मुंगावली पहुंची। नगर में प्रवेश पर जयस्थम्भ चौराहे पर कलश यात्रा का भव्य स्वागत किया गया और शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।
इस अवसर पर वक्ताओं ने रेजंगला के शौर्य को भारतीय सेना के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय बताते हुए कहा कि अहीर सैनिकों के अदम्य साहस और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। ज्ञानालय परिवार के मुखिया अर्जुन सिंह यादव ने कहा कि शौर्यगाथा केवल अहीर समाज ही नहीं, बल्कि पूरे भारत की धरोहर है। उन्होंने अलग अहीर रेजिमेंट के गठन को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताते हुए कहा कि यह कदम न केवल अहीर समाज का, बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाने वाला होगा।
कलश यात्रा के नगर आगमन पर ब्लॉक अध्यक्ष दशरथ यादव, युवा मोर्चा तहसील अध्यक्ष रामेश्वर यादव, जिलाध्यक्ष खलक सिंह यादव सहित अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं और सामाजिक संगठनों ने एक स्वर में अहीर रेजिमेंट की मांग दोहराई और कहा कि यह वीर समाज सदैव सीमा पर अग्रणी भूमिका निभाता आया है।
गौरतलब है कि यह रजत कलश यात्रा अब तक 12 राज्यों से गुजर चुकी है और जहां-जहां पहुंची, वहां अहीर रेजिमेंट की स्थापना की मांग जोर पकड़ती रही। मुंगावली में भी भारत माता की जय और अहीर रेजिमेंट बनाओ के नारों से वातावरण गूंज उठा।
