वॉशिंगटन/येरुशलेम, 28 फरवरी (वार्ता) अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ शनिवार को सैन्य कार्रवाई शुरू करते हुए कहा है कि यह लड़ाई ईरान के खतरनाक परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करने और वहां की जनता को आजादी दिलाने के लिए है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने वॉशिंगटन में शुक्रवार रात अमेरिका के खिलाफ कार्रवाई के बाद एक संबोधन में कहा कि यह हमला ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के खतरे को हमेशा के लिए समाप्त करने और वहां क्रूर और खतरनाक लोगों की समूह की सत्ता को समाप्त कर शासन ईरान की महान और गौरवशाली जनता के हाथों में देने के लिए है।
श्री ट्रम्प ने इस लड़ाई को ईरान की आजादी का क्षण बताते हुए ईरान के सैन्य और पुलिस बलों से हथियार डालने की अपील की और उन्हें अभयदान देने का वादा किया। श्री ट्रम्प ने कहा कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं तो उन्हें मौत का सामना करना पड़ेगा।
श्री ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान को कभी परमाणु हथियारों से लैस नहीं होने देगा और उसको ऐसी लम्बी दूरी की मिसाइलें नहीं बनाने देगा जो अमेरिका तक पहुंच सकती हैं। उन्होंने कहा, “हम उनकी मिसाइलों को नष्ट करने जा रहे हैं और उनकी मिसाइल उद्योग को जमींदोज कर देंगे। ..हम उनकी नौसेना को खत्म करने जा रहे हैं।”
उन्होंने ईरान की मौजूदा सरकार को कुछ क्रूर और खतरनाक लोगों का गिरोह बताते हुए कहा कि वहां की ‘आतंकवादी सरकार’ चार दशकों से अधिक समय से ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाती रही है और जगह-जगह अमेरिकी सौनिकों, सैन्य तथा वाणिज्यिक पोतों पर हमले किये हैं तथा अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाया है।
उन्होंने ईरान की जनता से सुरक्षित घरों में बने रहने की सलाह देते हुए कहा है कि इस अभियान के खत्म होने के बाद ईरानी जनता को अपनी सरकार अपने हाथ में संभालने का अवसर मिलेगा।
श्री ट्रम्प ने कहा कि पिछले साढ़े चार से भी अधिक दशक से ईरान की कट्टरपंथी सरकार अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए खतरा बन गयी थी और अमेरिका के सैन्य ठिकानों, वाणिज्यिक जहाजों पर अनवरत हमले करवाती आ रही थी।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी एक वीडियो संदेश में कहा कि ने कहा कि ईरान में सरकार बदलनी होगी और परमाणु कार्यक्रम को भी खत्म करना होगा।
श्री नेतन्याहू ने भी ईरान की जनता से वहां के सरकार से आजादी पाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘ईरानी लोगों को सभी हिस्सों’ से ‘ज़ुल्म का बोझ उतार फेंकना चाहिए और एक आज़ाद और एक शांतिपूर्ण ईरान बनाना चाहिए’। उन्होंने कहा, “हमारी मिलकर की गयी कार्रवाई बहादुर ईरानी लोगों के लिये अपनी किस्मत अपने हाथों में लेने के हालात बनायेगी।”
