
जबलपुर। मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जबलपुर पूर्व क्षेत्र के विधायक लखन घनघोरिया ने शहर एवं प्रदेश से जुड़े महत्वपूर्ण अधोसंरचना और वित्तीय अनियमितताओं के मुद्दों को गंभीरता से सदन में उठाया। इस दौरान उन्होंने कहा कि 23 तारीख को गिरे फ्लाईओवर पुल का विषय अत्यंत गंभीर है। उन्होंने उल्लेख किया कि लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित फ्लाईओवर मात्र तीन वर्ष के भीतर गिर गया, जो निर्माण गुणवत्ता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने अध्यक्ष से आग्रह किया कि इस विषय को पृथक रूप से गंभीरता से लिया जाए और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित की जाए।
इस मौके पर विधायक ने शिक्षा विभाग से संबंधित वित्तीय प्रक्रिया पर भी प्रश्न उठाए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में जो राशि लोक शिक्षण संस्थानों के माध्यम से शिक्षा विभाग को आवंटित की जाती है, वह कलेक्टर के माध्यम से पारदर्शिता के साथ वितरित होती है, किंतु द्वितीय चरण में आवंटित राशि में गंभीर अनियमितताओं की आशंका है। उन्होंने सदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया कि 69 करोड़ रुपये की राशि कलेक्टर द्वारा आवंटित की गई, परंतु उसके व्यय और उपयोग पर प्रश्नचिह्न है।
पारदर्शिता पर उठते हैं प्रश्र
विधायक लखन घनघोरिया ने सदन में यह भी कहा कि कई मामलों में बिना टेंडर और बिना सार्वजनिक सूचना के प्रस्ताव मंगाए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि डायरेक्टर, डिप्टी डायरेक्टर और ज्वाइंट डायरेक्टर स्तर से सीधे कार्य कराए गए, जिससे पारदर्शिता पर प्रश्न उठते हैं। उन्होंने कहा कि कई बार बिल आदेश जारी होने से पहले ही कार्यवाही आगे बढ़ा दी जाती है, जो गंभीर वित्तीय विसंगति है। सदन में उन्होंने मांग की कि प्रदेशभर में लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए निर्माण कार्यों, मरम्मत से लेकर भवन निर्माण तक की संपूर्ण जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि रिकॉर्ड की जांच की जाए तो कई स्थानों पर बिना भौतिक सत्यापन के भुगतान किए जाने के तथ्य सामने आ सकते हैं।
