मुंबई, 28 फरवरी (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) के निदेशकमंडल में स्वतंत्र निदेशकों के अनुपात में कमी को लेकर शेयर बाजारों ने उस पर कुल 10 लाख 85 हजार 600 रुपये का जुर्माना लगाया है।
एनटीपीसी ने शनिवार को शेयर बाजारों को बताया कि उसे 27 फरवरी को बीएसई और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज से अलग-अलग नोटिस मिले हैं। दोनों ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में सेबी के एलओडीआर (लिस्टिंग ऑब्लिगेशन एंड डिस्क्लोजर रिक्वायरमेंट्स) नियमावली के नियम 17(1) का पालन न करने के लिए 5,42,800 रुपये के एक समान जुर्माने लगाये हैं। जुर्माने की कुल राशि 10,85,600 रुपये है।
नियम 17(1) निदेशकमंडल की संरचना से संबंधित है। यह नियम किसी भी सूचीबद्ध कंपनी के निदेशकमंडल में कम से कम एक महिला निदेशक और 50 प्रतिशत स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति को अनिवार्य बनाता है।
कंपनी ने शेयर बाजारों को बताया है कि एक सार्वजनिक उपक्रम होने के नाते उसके निदेशकों की नियुक्ति का अधिकार राष्ट्रपति के पास है। वह ऊर्जा मंत्रालय के समक्ष पर्याप्त संख्या में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति का मसला उठाती रही है, ताकि सेबी के नियम 17(1) का अनुपालन किया जा सके। उसने शेयर बाजारों से आग्रह किया है कि इन बातों को ध्यान में रखते हुए उस पर जुर्माना नहीं लगाया जाना चाहिये।
एनटीपीसी की वेबसाइट के अनुसार, वर्तमान में उसके निदेशकमंडल में कुल 13 सदस्य हैं जिनमें पांच स्वतंत्र निदेशक हैं।
