बनखेड़ी। धर्म, धरा, धेनु संरक्षण एवं पर्यावरण संवर्धन के संदेश को लेकर निकली सिद्ध अवधूत महायोगी दादा गुरु की निराहार चतुर्थ परिक्रमा आज नर्मदापुरम जिला की सीमा में प्रवेश कर गई। जिले में प्रवेश के साथ ही श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर भव्य स्वागत किया।
यह परिक्रमा प्रकृति संरक्षण, गौसेवा और पर्यावरण जागरूकता का संदेश दे रही है। दादा गुरु के साथ हजारों परिक्रमावासी श्रद्धा और अनुशासन के साथ पदयात्रा कर रहे हैं। यात्रा आज उमरधा पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
परिक्रमा का रात्रि विश्राम सांडीया में निर्धारित है। यात्रा मार्ग में विभिन्न स्थानों पर स्वागत एवं दर्शन के लिए हजारों लोग एकत्रित हुए। उल्लेखनीय है कि दादा गुरु यह परिक्रमा पूर्णतः निराहार रहकर कर रहे हैं। पिछले चार वर्षों से चल रही मां नर्मदा परिक्रमा का यह चतुर्थ चरण है, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और नैतिक जीवन मूल्यों का विशेष संदेश दिया जा रहा है।
दादा गुरु की यह चतुर्थ निराहार परिक्रमा क्षेत्र में आस्था, सेवा और पर्यावरण चेतना का केंद्र बनती जा रही है।
