मप्र की बदहाल शिक्षा व्यवस्था और खर्चों पर श्वेत पत्र जारी करे सरकार: पटवारी

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए सरकारी स्कूलों की बदहाल स्थिति, शिक्षकों की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सोशल मीडिया प्रचार और आयोजनों के माध्यम से “विकसित मध्यप्रदेश” की कृत्रिम तस्वीर पेश कर रही है, जबकि जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।

पटवारी ने कहा कि प्रदेश में लाखों बच्चे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से वंचित हैं। कई सरकारी स्कूल शिक्षकों की भारी कमी से जूझ रहे हैं, जबकि हजारों पद अब भी रिक्त पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अनेक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है।

उन्होंने हाल ही में सामने आई जानकारी का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश के 788 सरकारी स्कूलों में अब भी छात्राओं के लिए शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। इसे उन्होंने छात्राओं की गरिमा, सुरक्षा और शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला बताया। कांग्रेस नेता का आरोप है कि छात्राओं के लिए शौचालय निर्माण हेतु 2.30 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने के बावजूद कई स्थानों पर यह धनराशि पुताई और अन्य कार्यों में खर्च कर दी गई, जिससे छात्राओं को असुरक्षित और अस्वच्छ परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

अशोकनगर, राजगढ़ सहित अन्य जिलों की स्थिति का उल्लेख करते हुए पटवारी ने कहा कि इससे “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” और “स्वच्छ भारत” जैसे नारों की वास्तविकता उजागर हो गई है।

उन्होंने राज्य सरकार से शिक्षा विभाग में रिक्त पदों, आधारभूत सुविधाओं की कमी और विभिन्न योजनाओं के तहत हुए खर्च का ब्यौरा देते हुए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की। साथ ही शौचालय निर्माण में कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की भी मांग की।

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