उज्जैन: होलिका पर्व 2 व 3 मार्च के उपलक्ष्य में मंदिर की परंपराओं के सम्यक निर्वहन हेतु मंदिर प्रशासन द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं.मंदिर प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया है कि गर्भगृह, नंदी मंडपम्, गणेश मंडपम्, कार्तिकेय मंडपम् सहित संपूर्ण मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक क्षेत्र में किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल ले जाना, रंग उड़ाना, आपस में रंग लगाना अथवा किसी विशेष उपकरण से रंग उड़ाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा.
मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में कार्यरत पुजारी, पुरोहित, प्रतिनिधि, अधिकारी, पुलिसकर्मी, कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी, सफाई कर्मचारी, सेवक, परिसर स्थित अन्य छोटे-बड़े मंदिरों के पुजारी एवं समस्त आउटसोर्स कर्मचारी किसी भी प्रकार का रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं करेंगे तथा आपस में रंग लगाना पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा. समस्त श्रद्धालु मंदिर परिसर एवं महाकाल लोक में रंग-गुलाल लेकर प्रवेश नहीं कर सकेंगे एवं आपस में रंग नहीं लगा सकेंगे। जांच उपरांत ही श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा. कर्मचारी एवं सेवक अपने साथ लाए गए सामान की स्वयं जांच कराकर ही प्रवेश करेंगे.
कैमरे से रखेंगे निगरानी
मंदिर कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से समस्त द्वारों एवं संपूर्ण परिसर की सतत निगरानी रखेंगे, जिससे किसी भी प्रकार के रंग-गुलाल अथवा विशेष उपकरण के प्रवेश एवं उपयोग को रोका जा सके.भगवान श्री महाकालेश्वर जी की त्रिकाल आरती के दौरान प्रत्येक आरती में 1-1 किलोग्राम हर्बल गुलाल प्रतीकात्मक रूप से अर्पित किया जाएगा। यह हर्बल गुलाल मंदिर की कोठार शाखा द्वारा भस्म आरती पुजारी, शयन आरती पुजारी एवं शासकीय पुजारी को उपलब्ध कराया जाएगा.
