
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में विवादित जमीन का मामला विचाराधीन होने के बावजूद जमीन खाली करने का आदेश जारी करने के मामले में बुरहानपुर कलेक्टर ने उपस्थित होकर माफी मांगी। दरअसल, पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने बुरहानपुर कलेक्टर से इस मामले में स्पष्टीकरण तलब किया था। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जमीन खाली करने का आदेश वापस ले लिया गया है। सुनवाई के बाद जस्टिस विशाल मिश्रा ने कलेक्टर की माफी स्वीकार करते हुए याचिका का निराकरण कर दिया।
बुरहानपुर की चिल्ड्रन एजुकेशन सोसायटी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अर्पण पवार ने पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन की इकाई ताप्ती मिल्स ने सोसायटी को उक्त भूमि दी थी। विद्यालय का संचालन 1964-65 से हो रहा है और इसमें लगभग 4500 छात्र अध्ययनरत हैं। नेशनल टेक्सटाइल कारपोरेशन की जमीन का एक मामला पहले से विचाराधीन है और उस मामले में हाईकोर्ट ने राज्य शासन को दखल देने से इनकार किया था। इसके बावजूद कलेक्टर ने 9 दिसंबर 2025 को आदेश पारित कर विद्यालय को उक्त भूमि खाली करने कहा, जिस पर हाईकोर्ट की शरण ली गई। पूर्व आदेश के परिपालन में कलेक्टर ने उक्त जानकारी पेश करते हुए माफी मांगी, जिसके बाद न्यायालय ने मामले का पटाक्षेप कर दिया।
