ममता का इंस्टाग्राम पेज हैक, प्राथमिकी दर्ज

कोलकाता, 26 फरवरी (वार्ता) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आधिकारिक इंस्टाग्राम पेज ‘सोरासरी मुख्यमंत्री’ को कथित तौर पर हैक कर लिया गया है, जिससे राज्य प्रशासन में चिंता पैदा हो गई है और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

सूत्रों के अनुसार, पेज पर संदिग्ध पोस्ट और संदेश दिखने के बाद इस उल्लंघन का पता चला। शुरुआत में इन अनियमितताओं का पता नहीं चल सका था, लेकिन खाते का प्रबंधन करने वाले लोगों को कई असामान्य पोस्ट और सीधे भेजे गए संदेशों (डायरेक्ट मैसेज) को देखकर संदेह हुआ। इसके बाद यह आशंका जताई गई कि अनधिकृत व्यक्तियों ने पेज पर नियंत्रण कर लिया है और उससे संदेश भेज रहे हैं। हैकरों द्वारा कथित रूप से प्रसारित किए गए संदेशों की सटीक जानकारी अभी ज्ञात नहीं हो पाई है।

बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस थाने में मंगलवार को औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और इस बात की जांच कर रही है कि यह उल्लंघन कैसे हुआ तथा इसके पीछे कौन हो सकता है और उनका मकसद क्या था।

‘सोरासरी मुख्यमंत्री’ (सीधे मुख्यमंत्री) पहल की शुरुआत नागरिकों को शिकायतों, नागरिक मुद्दों और अन्य चिंताओं के संबंध में मुख्यमंत्री से सीधे संवाद करने में सक्षम बनाने के लिए की गई थी। इसी के हिस्से के रूप में बनाया गया यह इंस्टाग्राम पेज एक डिजिटल इंटरफेस के रूप में कार्य करता था जहाँ जनता अपनी शिकायतें दर्ज कर सकती थी और अपने विचार साझा कर सकती थी।

मुख्यमंत्री के पेज की कथित हैकिंग ने देश भर में साइबर अपराध की बढ़ती घटनाओं के संबंध में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि अधिकारी पेज पर पूर्ण नियंत्रण वापस पाने और नुकसान की सीमा का आकलन करने के लिए काम कर रहे हैं। भविष्य में दुरुपयोग रोकने के लिए पेज से जुड़े साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल की भी समीक्षा की जा रही है।

इस घटना की तुलना सार्वजनिक हस्तियों से जुड़े सोशल मीडिया उल्लंघन के पिछले मामलों से की जा रही है। कुछ साल पहले, माकपा के पूर्व राज्य सचिव सूर्यकांत मिश्रा के सत्यापित फेसबुक पेज के साथ भी इसी तरह की छेड़छाड़ की गई थी। तब हैकरों ने पेज का यूआरएल बदल दिया था, जिससे समर्थकों एवं प्रशंसकों के बीच भ्रम पैदा हो गया था। डिजिटल सुरक्षा को लेकर चिंताएं राष्ट्रीय स्तर पर भी बढ़ रही हैं।

हाल ही में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी दी थी कि पिछले चार वर्षों के दौरान केंद्र और विभिन्न राज्यों की 700 से अधिक सरकारी वेबसाइटों को हैकरों ने निशाना बनाया है।

 

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