अमर अकबर एंथनी की सफलता पार्टी में मनमोहन देसाई ने अमिताभ बच्चन से वादा किया था कि वह उन्हें कभी नहीं छोड़ेंगे। दोनों की जोड़ी ने सुहाग, कुली और मर्द जैसी सुपरहिट फिल्में दीं।
हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ जोड़ियां ऐसी होती हैं, जो सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि एक मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही एक जोड़ी थी मनमोहन देसाई और अमिताभ बच्चन की। निर्देशक और अभिनेता के इस रिश्ते में पेशेवर तालमेल के साथ-साथ गहरी दोस्ती और अटूट विश्वास भी शामिल था।
कहा जाता है कि फिल्म अमर अकबर एंथनी की जबरदस्त सफलता के बाद आयोजित पार्टी में मनमोहन देसाई ने अमिताभ बच्चन से एक भावुक वादा किया था। उन्होंने कहा था कि तुम मुझे छोड़कर चले जाओ तो पता नहीं, लेकिन मैं तुम्हें छोड़कर कहीं नहीं जाने वाला। यह सिर्फ एक संवाद नहीं, बल्कि उनके रिश्ते की गहराई का प्रमाण था। देसाई ने अपने करियर के अंतिम दौर तक इस वचन को निभाया।
मनमोहन देसाई का करियर
26 फरवरी 1937 को मुंबई में जन्मे मनमोहन देसाई ने अपने करियर की शुरुआत एक असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में की थी। धीरे-धीरे उन्होंने दर्शकों की नब्ज को समझा और 70-80 के दशक में मसाला एंटरटेनमेंट का ऐसा फॉर्मूला गढ़ा, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया। उनकी फिल्मों में ड्रामा, इमोशन, एक्शन और संगीत का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता था।
मनमोहन देसाई की फिल्में
‘अमर अकबर एंथनी’ अमिताभ बच्चन के साथ उनकी पहली बड़ी हिट फिल्म थी, जिसने दोनों के बीच मजबूत पेशेवर संबंध की नींव रखी। इसके बाद उन्होंने सुहाग, नसीब, कुली, मर्द और गंगा जमुना सरस्वती जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में साथ काम किया। इन फिल्मों ने अमिताभ को ‘एंग्री यंग मैन’ की छवि से आगे बढ़ाकर सुपरस्टार के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।
मनमोहन देसाई का निधन
एक इंटरव्यू में मनमोहन देसाई ने कहा था कि अमिताभ उनकी फिल्मों की आत्मा हैं। वहीं अमिताभ बच्चन भी कई मौकों पर यह स्वीकार कर चुके हैं कि उनके करियर की ऊंचाइयों में देसाई का बड़ा योगदान रहा है। 1 मार्च 1994 को मनमोहन देसाई का निधन एक दुखद हादसे में हो गया, जब वे अपने घर की बालकनी से गिर पड़े। हालांकि उनका जाना हिंदी सिनेमा के लिए एक बड़ी क्षति थी, लेकिन अमिताभ बच्चन के साथ उनका अटूट रिश्ता और यादगार फिल्में आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं।
