इंदौर: देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर यात्रियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है. एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल का रिनोवेशन कार्य फिलहाल अंतिम चरण में पहुंच चुका है. करीब 41 करोड़ रुपए की लागत से किए जा रहे इस उन्नयन कार्य के पूरा होने के बाद न केवल यात्री सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि टर्मिनल की उपयोग क्षमता में भी उल्लेखनीय इजाफा होगा.
एयर पोर्ट डायरेक्टर सुनील मघिरवार ने बताया कि 1 अप्रैल से 27 एटीआर उड़ानों का पुराने टर्मिनल से संचालन होगा. इंदौर एयरपोर्ट प्रदेश के सबसे व्यस्त एयरपोर्ट्स में शामिल है. यहां प्रतिदिन लगभग 100 फ्लाइट्स का संचालन होता है, जिनसे 13 से 14 हजार यात्री सफर करते हैं. लगातार बढ़ती यात्री संख्या के कारण नए टर्मिनल पर दबाव बढ़ता जा रहा था. ऐसे में एयरपोर्ट प्रबंधन ने पहले कार्गो संचालन के लिए उपयोग में लाए जा रहे पुराने टर्मिनल को पुनर्विकसित कर यात्री टर्मिनल के रूप में तैयार करने का निर्णय लिया.
नए टर्मिनल पर होगी पर्याप्त जगह
योजना के अनुसार इस पुराने टर्मिनल पर 72 सीटर ्रभ्क्र विमान संचालित किए जाएंगे। प्रतिदिन लगभग 27 से 28 ्रभ्क्र विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ यहीं से होगी। इससे बड़े विमानों और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए नए टर्मिनल पर पर्याप्त जगह उपलब्ध हो सकेगी।
एटीआर जैसे छोटे विमानों के संचालन को अलग टर्मिनल से शिफ्ट करने का मुख्य उद्देश्य नए टर्मिनल पर भीड़ और दबाव को कम करना है। इससे चेक-इन, सुरक्षा जांच और बोर्डिंग प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित होगी। यात्रियों को लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि ्रभ्क्र विमान 72 सीटर छोटा विमान में गिने जाते हैं ।
नए टर्मिनल पर बड़े और इंटरनेशनल विमान
एयरपोर्ट प्रबंधन की योजना है कि नए टर्मिनल से एयरबस जैसे बड़े विमान और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन किया जाए। इससे टर्मिनल का उपयोग अधिक संतुलित तरीके से हो सकेगा। बड़े विमानों के लिए अधिक स्पेस और बेहतर प्रबंधन की सुविधा मिलेगी, वहीं छोटे विमानों के यात्री पुराने टर्मिनल से सहज रूप से यात्रा कर सकेंगे।
कार्गो से पैसेंजर टर्मिनल में बदला स्वरूप
पुराना टर्मिनल अब पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। यहां चेक-इन काउंटर, वेटिंग एरिया, सुरक्षा जांच, बैगेज सुविधा और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। रिनोवेशन के बाद यह टर्मिनल छोटे विमानों के संचालन के लिए समर्पित रहेगा।
1 अप्रैल से संचालन की तैयारी
हालांकि पुराने टर्मिनल को 24 घंटे पूरी तरह संचालित करने में अभी कुछ समय लग सकता है, लेकिन इसे 1 अप्रैल तक शुरू करने की तैयारियां जोरों पर हैं। अधिकारियों के अनुसार रिनोवेशन का कार्य लगभग पूरा हो चुका है और अंतिम तकनीकी व व्यवस्थागत प्रक्रियाएं जारी हैं। सभी जरूरी अनुमतियां और परीक्षण पूरे होते ही टर्मिनल यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत
रिनोवेशन के बाद एयरपोर्ट क्षेत्र में यात्री सुविधाओं का विस्तार होगा। नए और पुराने टर्मिनल के बीच संचालन का संतुलन बनने से भीड़भाड़ कम होगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर का अनुभव अधिक आरामदायक होगा।
