इंदौर: नगर निगम द्वारा बीआरटीएस सड़क से बस स्टॉप और रैलिंग हटाने में देरी करने पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है. आज सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि भोपाल में बीआरटीएस तत्काल हटा दिया गया. इंदौर में नगर निगम के पास अमला होने के बाद भी अभी तक मामला लटका हुआ है. हाईकोर्ट ने एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी संबंधित को अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिए है.
बीआरटीएस सड़क हटाने को लेकर अधिवक्ता अजय बागड़िया ने याचिका दायर की है. उक्त याचिका कर साथ शहर के यातायात और एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी बगड़िया की याचिका के साथ हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है. आज हाईकोर्ट के जस्टिस विनय कुमार शुक्ला और आलोक कुमार अवस्थी की डबल बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान दोनों जस्टिस ने बीआरटीएस सड़क तोड़ने का नगर निगम द्वारा धीमा काम करने पर नाराजगी जताते हुए पूछा कि आखिर कब तोड़ेंगे.
निगम की ओर से प्रस्तुत जवाब में 20 फरवरी को 8 एजेंसियों के को देने का बताया गया. अप्रैल तक तोड़ने का समय मांगा. इस पर अधिवक्ता बगड़िया ने कहा कि पहले 15 फरवरी से काम शुरू होने का बताया और अब 20 फरवरी को एजेंसी नियुक्त करने का बताया जा रहा है. हाईकोर्ट ने निगम द्वारा अप्रैल की तारीख और समय देने इनकार कर दिया.
11 मार्च को होगी अगली सुनवाई
कोर्ट ने अगली सुनवाई 11 मार्च तय करते हुए कलेक्टर और निगम आयुक्त को उपस्थित होने के आदेश दिए. साथ ही हाईकोर्ट ने एलिवेटेड कॉरिडोर पर अभिनव धनोतकर की याचिका पर भी सुनवाई करते हुए संबंधित विभाग और अधिकारियों को 11 मार्च को उपस्थित होने के आदेश दिए.
