भारत इजरायल के साथ आज भी मजबूती से खड़ा है और आगे भी मजबूती के साथ खड़ा रहेगा: मोदी

तेल अवीव 25 फरवरी (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी तरह के आतंकवाद को पूरी दुनिया के लिए खतरा बताते हुए कहा है कि भारत तथा इजरायल दोनों ने आतंकवाद का दंश झेला है और भारत इजरायल के साथ आज भी मजबूती के साथ खड़ा है और आगे भी दृढता के साथ खड़ा रहेगा।

श्री मोदी ने गाजा शांति पहल का समर्थन करते हुए उम्मीद जतायी कि इससे क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद जगी है।

इजरायल की दो दिन की यात्रा पर गये श्री मोदी ने बुधवार को इजरायली संसद नेसेट को वहां के सांसदों की तालियों की गड़गड़ाहट और मोदी-मोदी के नारों के बीच संबोधित किया। उनके संबोधन के बाद नेसेट के स्पीकर ने श्री मोदी को नेसेट के सर्वोच्च सम्मान ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से सम्मानित किया।

इस अवसर पर विदेश मंत्री डा एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल , विदेश सचिव विक्रम मिस्री और इजरायल में भारत के राजदूत जितेन्द्र पाल सिंह भी मौजूद थे। इस मौके पर नेसेट को भारतीय रंगों से सजाया गया था।

श्री मोदी ने भारत और इजरायल के संबंधों को दो हजार वर्ष से भी पुराना बताते हुए कहा कि उनका स्वयं भी इजरायल के साथ एक संयोग है। उन्होंने कहा ,” मेरा जन्म 17 सितम्बर 1950 को उसी दिन हुआ था जिस दिन भारत ने औपचारिक रूप से इजरायल को मान्यता दी थी। ”

उन्होंने इजरायल में हमास के सात अक्टूबर के आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए इसमें मारे गये लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा ,” मैं भारत के लोगों की तरफ से हर उस जान के लिए गहरी संवेदनाएं भी रखता हूं, जो 7 अक्टूबर को हमास के उस भयानक आतंकवादी हमले में गई और हर उस परिवार के लिए जिनकी दुनिया तबाह हो गई। हम आपका दर्द महसूस करते हैं। हम आपके दुख में शामिल हैं। भारत इस समय और आगे भी, पूरी मज़बूती से और पूरे यकीन के साथ इज़राइल के साथ खड़ा है।”

श्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद को किसी भी कारण से उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा ,”

कोई भी वजह आम लोगों की हत्या को सही नहीं ठहरा सकती। कोई भी चीज़ आतंकवाद को सही नहीं ठहरा सकती। भारत ने भी लंबे समय तक आतंकवाद का दर्द सहा है। हमें 26/11 के मुंबई हमले और इज़राइली नागरिकों समेत मारे गए बेगुनाह लोगों की जान याद है। आपकी तरह, हमारी भी आतंकवाद के लिए ज़ीरो टॉलरेंस की एक जैसी और बिना किसी समझौते वाली पॉलिसी है, जिसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है।”

प्रधानमंत्री ने आतंकवाद को पूरी दुनिया में शांति के लिए खतरा बताते हुए कहा ,”आतंकवाद का मकसद समाज को अस्थिर करना, विकास को रोकना और भरोसा खत्म करना है। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए लगातार और मिलकर दुनिया भर में कार्रवाई करने की ज़रूरत है, क्योंकि कहीं भी होने वाला आतंक हर जगह शांति के लिए खतरा है। इसीलिए, भारत उन सभी कोशिशों का समर्थन करता है जो टिकाऊ शांति और इलाके में स्थिरता लाने में मदद करती हैं।”

पश्चिम एशिया की स्थिति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले, जब आपने अब्राहम समझौते पूरे किए थे, तो हमने आपकी हिम्मत और सोच की तारीफ़ की थी। यह लंबे समय से परेशान इलाके के लिए नई उम्मीद का पल था। तब से, हालात काफी बदल गए हैं। रास्ता और भी मुश्किल है। फिर भी उस उम्मीद को बनाए रखना ज़रूरी है।

गाजा शांति पहल का समर्थन करते हुए श्री मोदी ने उम्मीद जतायी कि इससे समस्या का स्थायी समाधान होने की उम्मीद दिखती है। उन्होंने कहा ,” गाज़ा शांति पहल जिसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने मंज़ूरी दी थी, एक रास्ता दिखाता है। भारत ने इस पहल के लिए अपना पक्का समर्थन जताया है। हमारा मानना है कि यह इस इलाके के सभी लोगों के लिए एक सही और टिकाऊ शांति का वादा करता है, जिसमें फ़िलिस्तीन मुद्दे को सुलझाना भी शामिल है। हमारी सभी कोशिशें समझदारी, हिम्मत और इंसानियत से चलें। शांति का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। लेकिन भारत इस इलाके में बातचीत, शांति और स्थिरता के लिए आपके और दुनिया के साथ है।”

 

 

 

 

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