सोम डिस्टिलरीज के मामले की सुनवाई से जस्टिस मिश्रा ने खुद को किया अलग

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सोम डिस्टिलरीज की याचिका पर मंगलवार को सुनवाई हुई। जस्टिस विशाल मिश्रा ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है। जस्टिस मिश्रा ने हाईकोर्ट रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि मामले से जुड़ा केस किसी दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया जाए। हालांकि न्यायाधीश ने इस केस की सुनवाई से अलग होने का कोई कारण नहीं बताया है। इससे पहले भी जस्टिस विशाल मिश्रा ने भाजपा विधायक संजय पाठक के अवैध उत्खनन केस से खुद को अलग कर लिया था। तब यह कारण बताया था कि संजय पाठक ने केस को लेकर संपर्क किया था।

हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने शराब कंपनी सोम डिस्टिलरीज का लाइसेंस रद्द कर दिया है। जिसको लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल ने सोम डिस्टिलरीज के सभी लाइसेंस निलंबित कर दिए थे। करीब 20 दिन पहले रायसेन जिले में स्थित सोम डिस्टिलरीज एंड ब्रेवरीज लिमिटेड और मेसर्स सोम डिस्टिलरीज प्रालि. का लाइसेंस आबकारी आयुक्त ने सस्पेंड कर दिया है। तत्कालीन आबकारी आयुक्त अभिजीत अग्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार कंपनियों के संचालक, प्रतिनिधि, अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता एवं कर्मचारियों के विरुद्ध अपर सत्र न्यायालय, देपालपुर जिला इंदौर के एक प्रकरण में पारित निर्णय के आधार पर कार्रवाई की गई थी। इसमें कहा गया है कि उच्च न्यायालय खंडपीठ इंदौर द्वारा संबंधित आपराधिक अपीलों में सजा के क्रियान्वयन पर रोक लगाई गई है, लेकिन दोषसिद्धि अभी भी प्रभावी है।

Next Post

नाबालिग को बंधक बनाने के मामले में गृह सचिव, डीजीपी, एसपी पन्ना सहित अन्य को नोटिस

Tue Feb 24 , 2026
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने नाबालिग को बंधक बनाने के आरोप के मामले में जवाब तलब किया है। मामले में राज्य शासन, गृह सचिव, डीजीपी, एसपी पन्ना, टीआई अमानगंज सहित अन्य को नोटिस जारी किए गए हैं। मामले की अगली […]

You May Like