छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद खात्मे की डेडलाइन के बचे केवल 7 दिन, 31 मार्च तक माओवाद मुक्त होगा इलाका, बड़े नक्सली लीडर पापाराव के सरेंडर की बढ़ी संभावना

जगदलपुर | छत्तीसगढ़ के बस्तर में चार दशकों से काबिज नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा तय की गई 31 मार्च 2026 की डेडलाइन अब बेहद करीब है। इस ऐतिहासिक समय सीमा को समाप्त होने में अब मात्र 7 दिन शेष रह गए हैं, जिसके मद्देनजर बस्तर के जंगलों में सुरक्षाबलों का अभियान ‘ऑपरेशन क्लीन’ तेज कर दिया गया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने जानकारी दी है कि दंडकारण्य के दुर्गम इलाकों में अब केवल 30 से 40 की संख्या में ही सशस्त्र माओवादी सक्रिय बचे हैं। पुलिस प्रशासन एक तरफ रणनीतिक प्रहार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर बचे हुए नक्सलियों से मुख्यधारा में लौटने की निरंतर अपील की जा रही है ताकि क्षेत्र को पूरी तरह रक्तपात मुक्त बनाया जा सके।

सुरक्षा गलियारों से छनकर आ रही खबरों के मुताबिक, बस्तर में दशकों तक आतंक का पर्याय रहे डीकेएसजेडसी (DKSZC) मेंबर पापाराव और डिवीजनल कमेटी मेंबर चंद्र कचलाम जैसे बड़े चेहरों के आत्मसमर्पण की प्रबल संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यदि पापाराव जैसे बड़े लीडर सरेंडर करते हैं, तो यह शांति स्थापना की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि होगी। राज्य के डिप्टी सीएम और गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी कवर्धा में एक बड़ा बयान देते हुए संकेत दिया है कि मंगलवार को कुछ “बड़ा” होने वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि डेडलाइन से ठीक पहले कई इनामी नक्सली एक साथ हथियार डालकर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठा सकते हैं।

आईजी सुंदरराज पी. ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा बल अब माओवादियों के अंतिम गढ़ों में एक-एक कदम फूंक-फूंक कर आगे बढ़ रहे हैं। पुलिस की रणनीति केवल सैन्य कार्यवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि माओवादियों के परिवारों के माध्यम से उनसे संपर्क साधकर आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जो नक्सली हथियार नहीं डालेंगे, उन्हें सुरक्षाबलों की निर्णायक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा। 31 मार्च की तारीख नजदीक आते ही पूरे बस्तर संभाग में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है और सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी सख्त कर दी गई है। प्रदेश सरकार इस ऐतिहासिक लक्ष्य को हासिल कर बस्तर में विकास के नए द्वार खोलने के लिए पूरी तरह संकल्पित है।

Next Post

HDFC बैंक ने पूर्व चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती के इस्तीफे की जांच के लिए बाहरी लॉ फर्म्स की नियुक्ति की, कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने और निवेशकों का भरोसा जीतने की बड़ी पहल

Tue Mar 24 , 2026
मुंबई | देश के सबसे बड़े निजी ऋणदाता HDFC बैंक ने कॉर्पोरेट गवर्नेंस के मानकों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बैंक के बोर्ड ने पूर्व अंशकालिक चेयरमैन और स्वतंत्र निदेशक, अतानु चक्रवर्ती के अचानक इस्तीफे की विस्तृत समीक्षा के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर […]

You May Like