
भोपाल। राजधानी में आयोजित कांग्रेस की किसान महाचौपाल के दौरान आदिवासी संस्कृति और परंपरा की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का स्वागत महाकौशल अंचल की गौंडी जाति की पारंपरिक टोपी भेंट कर किया गया। यह टोपी आदिवासी समाज की सांस्कृतिक पहचान और स्वाभिमान का प्रतीक मानी जाती है।
सभा मंच पर आदिवासी किसानों का प्रतिनिधित्व करते हुए विधायक ओंकार सिंह मरकाम ने नेता द्वय को टोपी पहनाकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज अपने हक और अधिकारों की लड़ाई में कांग्रेस के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने भरोसा जताया कि किसानों और आदिवासियों के मुद्दों पर पार्टी की यह लड़ाई निर्णायक साबित होगी।
महाचौपाल में बड़ी संख्या में आदिवासी किसान पारंपरिक वेशभूषा में पहुंचे थे, जिससे कार्यक्रम स्थल पर सांस्कृतिक रंगत दिखाई दी। गौंडी टोपी भेंट करने की परंपरा को आदिवासी समाज में सम्मान और विश्वास के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। इस सम्मान के माध्यम से आदिवासी किसानों ने अपने समर्थन और एकजुटता का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम के दौरान नेताओं ने किसानों की समस्याओं, फसलों के दाम, समर्थन मूल्य और वनाधिकार जैसे मुद्दों पर चर्चा की। मंच से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि किसान और आदिवासी समाज के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
महाचौपाल में सांस्कृतिक प्रतीकों के माध्यम से राजनीतिक एकजुटता का यह दृश्य चर्चा का केंद्र बना रहा।
