भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की कि भोपाल में 2000 एकड़ भूमि पर विश्वस्तरीय नॉलेज एंड एआई सिटी विकसित की जाएगी, जो मध्यप्रदेश को देश का कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) हब बनाएगी। इसी के साथ 25 एकड़ भूमि साइंस सिटी प्रोजेक्ट के लिए आवंटित की जाएगी, जहां विज्ञान, नवाचार और अनुसंधान के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
इंदौर में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस आयोजन से 15,896 करोड़ रुपये का निवेश और 64,085 रोजगार सृजित होंगे। कार्यक्रम में 22 नई औद्योगिक इकाइयों का लोकार्पण और 4 बड़ी परियोजनाओं का भूमि पूजन किया गया।
कॉन्क्लेव में स्पेस टेक नीति-2025 का मसौदा जारी, सीआईएसओ पोर्टल और ड्रोन डेटा रिपॉज़िटरी का शुभारंभ किया गया। साथ ही भारतीय सेना के साथ एआई और साइबर सुरक्षा पर संयुक्त एमओयू हुआ।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इंदौर और भोपाल तकनीकी निवेश के नए केंद्र बन रहे हैं। एलटीआई इंडस्ट्री और डीएनआर कॉर्पोरेशन जैसी कंपनियों ने बड़े निवेश के समझौते किए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत तकनीकी विकास के स्वर्णिम युग में प्रवेश कर चुका है और मध्यप्रदेश अब टेक हब और स्पेस टेक लीडर बनने की दिशा में अग्रसर है।
