
भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज भोपाल में आयोजित किसान महा चौपाल को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील चार महीनों से रुकी हुई थी क्योंकि अमेरिका भारत में अपने कृषि उत्पादों की बिक्री की अनुमति चाहता था। उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी को चुनौती दी कि वे इस डील को रद्द करके दिखाएं।
राहुल गांधी ने कहा कि यह डील अचानक पूरी कर ली गई और इस पर पारदर्शिता नहीं बरती गई। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, आप नरेंद्र मोदी कैबिनेट के मंत्रियों से पूछिए कि क्या उन्हें इस ट्रेड डील के बारे में कैबिनेट बैठक में पूरी जानकारी दी गई थी? चार महीने तक कुछ नहीं हिला, फिर अचानक समझौता हो गया।
राहुल गांधी ने कहा कि वे इस मुद्दे को लोकसभा में उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, मैं सिर्फ नरवाने की किताब का जिक्र नहीं करना चाहता था, बल्कि इस ट्रेड डील पर भी विस्तार से चर्चा करना चाहता था, लेकिन मुझे अवसर नहीं मिला।
एप्सटीन फाइल का भी जिक्र
अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने तथाकथित एप्सटीन फाइल का उल्लेख करते हुए दावा किया कि इसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और उद्योगपति अनिल अंबानी का नाम भी सामने आया है। उन्होंने कहा कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
किसानों के हितों पर चोट
राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता किसानों के हितों के खिलाफ है। यह कोई साधारण ट्रेड डील नहीं है, यह किसानों के दिल में तीर है। अगर अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर आएंगे, तो हमारे किसानों को भारी नुकसान होगा, उन्होंने कहा।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इस डील की पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
