नयी दिल्ली 15 मार्च (वार्ता) केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थित में शनिवार को मिजोरम के आइज़ॉल में असम राइफल्स बटालियन की भूमि का मिज़ोरम सरकार को हस्तांतरण और नक्शों का औपचारिक आदान-प्रदान किया गया।
श्री शाह ने कहा कि यह कार्यक्रम मिजोरम के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि लगभग 35 साल से विशिष्ट प्रकार की टोपोग्राफी और जगह की कमी के कारण बहुत समय से यह मांग थी कि आइजॉल सहित पूरे मिज़ोरम के विकास के लिए असम राइफल्स को इंटीरियर में भेजा जाए। उन्होंने कहा कि सरकार के दूरदर्शी निर्णय के कारण मिजोरम के प्रमुख एरिया में बड़ी भूमि उपलब्ध होने जा रही है, जिससे राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी। इस महत्वपूर्ण निर्णय के कारण आज लगभग 30-35 साल पुरानी यह मांग पूरी हो रही है।
श्री शाह ने कहा कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है बल्कि मिजोरम की जनता के प्रति मोदी सरकार की ज़िम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मिजोरम के विकास के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि कहा कि 1890 में आइज़ॉल में सेना का पहला कैंप बनने से लेकर आज तक के इतिहास में यह सबसे बड़ा निर्णय माना जाएगा।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले 10 साल से पूरे पूर्वोत्तर को मज़बूत और एकजुट करने का हरसंभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार टेक्नोलॉजी, स्पोर्ट्स से लेकर अंतरिक्ष तक, कृषि से लेकर उद्यमिता तक, हर क्षेत्र में विकास के नए आयाम गढ़ रही है।
श्री शाह ने कहा कि आज़ादी से 2014 तक देश के सभी प्रधानमंत्रियों ने कुल 21 बार पूर्वोत्तर का दौरा किया था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 से आज तक 78 बार पूर्वोत्तर का दौरा कर चुके हैं।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा, “नॉर्थईस्ट में विकास तो हो ही रहा है, लेकिन इसके साथ ही नॉर्थईस्ट में अभूतपूर्व शांति स्थापित करने का काम भी नरेन्द्र मोदी जी ने किया है।” उन्होंने कहा कि एक विकसित, शांत, सुरक्षित और सुंदर मिज़ोरम के लिए भारत सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध है।
इस अवसर पर मिज़ोरम के मुख्यमंत्री ललदुओमा, केन्द्रीय गृह सचिव, निदेशक, आसूचना ब्यूरो और महानिदेशक, असम राइफल्स सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
