नई दिल्ली | दुनिया के विभिन्न देशों के साथ भारत के लोकतांत्रिक और संसदीय संबंधों को प्रगाढ़ करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने 64 देशों के लिए विशेष ‘संसदीय मैत्री समूहों’ का गठन किया है। इस कूटनीतिक पहल के तहत इंडोनेशिया के लिए गठित प्रतिनिधिमंडल की कमान शिवसेना सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को सौंपी गई है। 39 वर्षीय श्रीकांत शिंदे इन समूहों का नेतृत्व करने वाले सबसे युवा सांसद होंगे। इस प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा और राज्यसभा के 10 चुनिंदा सदस्य शामिल हैं, जो वैश्विक मंच पर भारत की समृद्ध विधायी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इन मैत्री समूहों का उद्देश्य भारतीय संसद और अन्य देशों के सदनों के बीच विचारों का आदान-प्रदान और आपसी संवाद बढ़ाना है। इस पहल की सबसे दिलचस्प बात यह है कि जहाँ एक समूह का नेतृत्व 80 वर्षीय अनुभवी नेता पी. चिदंबरम कर रहे हैं, वहीं इंडोनेशिया जैसे महत्वपूर्ण देश की जिम्मेदारी युवा सांसद श्रीकांत शिंदे को दी गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन समूहों को संस्थागत रूप देने का आश्वासन दिया है। भारत की ‘पार्लियामेंट्री डिप्लोमेसी’ को मजबूत करने वाले इन समूहों में अमेरिका, रूस, जापान और संयुक्त अरब अमीरात जैसे प्रमुख देश भी शामिल हैं।
कल्याण लोकसभा से लगातार तीसरी बार सांसद और शिवसेना संसदीय दल के नेता श्रीकांत शिंदे का पिछला ट्रैक रिकॉर्ड काफी प्रभावशाली रहा है। पिछले वर्ष ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद उन्होंने यूएई और अफ्रीकी देशों में संसदीय शिष्टमंडल का सफल नेतृत्व करते हुए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का मजबूत पक्ष रखा था, जिसकी सराहना स्वयं प्रधानमंत्री ने की थी। एक बार फिर वैश्विक जिम्मेदारी मिलने पर श्रीकांत शिंदे ने पीएम मोदी और लोकसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त किया है। यह नियुक्ति मुस्लिम बहुल देशों के साथ भारत के रणनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

