
जबलपुर। नगर के ख्यात बैंड दल जोशीले अंदाज में गुरुनानक देव की इलाही गुरुवाणी नानक नाम जहाज है, चढ़े सो उतरे पार, जो श्रद्धा कर सिमदे गुरु पार उतारनहार जैसी मनमोहक धुन गुंजा रहे थे तो दूसरी तरफ श्रद्धालुओं के कीर्तन जत्थों में शामिल आबाल वृद्ध नर नारी, सतगुरू नानक परगटिया, मिटी धुंध जग चानन होआ जैसी यश अर्चन से भरपूर गुरुवाणी का आत्म मुग्ध गायन करते हुए दृष्टव्य थे। यह अनूठा अवसर था नगर कीर्तन का। अपनी पद यात्राओं से इंसानी भाईचारा, विश्व बंधुत्व, समरसता, और विश्व शांति का इलाही पैगाम देकर समग्र विश्व में भारतीय अध्यात्म की अलख जगाने वाले जगतगुरू नानक देव जी के 556 वें प्रकाशोत्सव गुरुपर्व के अवसर पर नगर के सिख समाज द्वारा सामूहिक तौर पर सिविक सेंटर स्थित माता गुजरी महाविद्यालय मैदान से बहुरंगी, भव्य और प्रेरक नगर कीर्तन निकाला गया।
