बनखेड़ी। शासकीय अस्पताल बनखेड़ी के सभागार में उमंग हेल्प डेस्क के तत्वावधान में मानसिक स्वास्थ्य पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम नर्मदापुरम की नैदानिक मनोवैज्ञानिक नाजिया सिद्दीकी ने आशा कार्यकर्ताओं और छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या की रोकथाम के लिए मानसिक स्वास्थ्य की समझ जरूरी है। उन्होंने बताया कि अधिक सोना, अकेलापन, नकारात्मक सोच जैसे लक्षण मानसिक असंतुलन के संकेत हैं। योग, जॉगिंग, संतुलित आहार और नींद मानसिक स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं। किशोरों को हार्मोनल परिवर्तन के दौर में आत्मसंयम रखना चाहिए और किसी समस्या पर 14416 नंबर पर नि:संकोच परामर्श लेना चाहिए। कार्यक्रम में बीएमओ डॉ. जे.एस. परिहार, बीपीएम जितेंद्र सिलधरिया, नर्सिंग ऑफिसर निधि पटवा और अन्य उपस्थित रहे।
