श्यामपुर। क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्रामों के किसान इन दिनों भारी मानसिक और आर्थिक दबाव से गुजर रहे हैं. आगामी फसलों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन पटवारियों की कथित सुस्ती के कारण ‘गिरदावरीÓ का कार्य समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है. इसका असर किसानों के फसल पंजीयन पर पड़ रहा है, जिससे वे परेशान और चिंतित नजर आ रहे हैं.
पंजीयन केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों को तब निराशा हाथ लग रही है जब पोर्टल पर उनकी फसल की जानकारी अपडेट नहीं मिलती. नियमानुसार पंजीयन से पहले संबंधित पटवारी द्वारा खेत का मुआयना कर फसल की स्थिति दर्ज करना अनिवार्य होता है, जिसे गिरदावरी कहा जाता है. यही प्रक्रिया आगे समर्थन मूल्य पर बिक्री और अन्य शासकीय योजनाओं का आधार बनती है. गिरदावरी दर्ज न होने से किसान ऑनलाइन पंजीयन नहीं करा पा रहे हैं. क्षेत्र के किसानों का आरोप है कि बार-बार संपर्क करने के बावजूद कई पटवारी खेतों तक नहीं पहुंच रहे हैं. यदि समय रहते पंजीयन नहीं हुआ तो उन्हें समर्थन मूल्य का लाभ नहीं मिल पाएगा, इस अव्यवस्था को लेकर जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस पहल या सख्ती सामने नहीं आई है.किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि गिरदावरी कार्य में तेजी लाई जाए, जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो और पंजीयन प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि किसानों का भविष्य सुरक्षित रहे.
