सत्य, न्यायऔर मातृशक्ति की सुरक्षा को आधार बनाया शिवाजी नेः विस्पुते

इंदौर: शिवाजी महाराज की कार्यशैली शासन, सुशासन पारदर्शिता जवाबदेही और जनमानस के जीवन स्तर का उत्थान का रहा. उन्होंने 15 वर्ष की अल्पायु में ही अपने राज्य की कल्पना, सहयाद्रि कोकण महाराष्ट्र से कहीं आगे की पूर्ण हिंदवी स्वराज की. सत्य, न्याय, नीति और मातृशक्ति की सुरक्षा को आधार बनाते हुए उन्होंने अपने शासन व्यवस्था में अष्टप्रधान की व्यवस्था की.
यह बात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह बौद्धिक प्रमुख दीपक विस्पुते ने कही. वे शिवाजी रायगढ़ स्मारक मंडल, पुणे और अर्चना प्रकाशन, भोपाल द्वारा आयोजित गिरीश अवधूत जोशी द्वारा लिखित पुस्तक अनादी समर के विमोचन कार्यक्रम में समर्थ भारत की आधारशिला हिंदवी साम्राज्य विषय पर संबोधित कर रहे थे.

समर्थ भारत की आधारशिला हिन्दवी साम्राज्य विषय पर प्रभावी व्याख्यान का आयोजन सुपर स्पेशलिटी अस्पताल सभागार में हुआ. उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी के बारे में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि वह केवल महान नायक नहीं थे, वह एक महान संत भी थे। वह केवल महान संत भी नहीं थे वह तो महान भक्त भी थे। उनके जीवन का पूरा अधिष्ठान आध्यात्मिकता से ओतप्रोत था. श्री विस्पुते ने अपने पूरे उद्बोधन में शिवाजी के जन्म से लेकर भारत के स्वतंत्रता तक के पूरे कालखंड का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि स्वधर्म, स्वदेशी, स्वराज हमारी स्वाधीनता का मूल मंत्र है. यह शिवाजी महाराज की दूर दृष्टि का परिणाम ही है कि आज हम इतना विशाल एक भारत देख रहे हैं.

शिवाजी का इतिहास भारता का इतिहास
अनादि समर पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में पुणे से आए विक्रम सिंह मोहिते ने कहा कि शिवाजी का इतिहास, केवल मराठा या मराठी का इतिहास ना होकर यह भारत का इतिहास है. हिंदवी स्वराज्य की स्थापना में उन 180 वर्षों का जो योगदान है वह भारत के इतिहास का एक टर्निंग पॉइंट है. यह शिवाजी की दूरदृष्टि ही थी जिन्होंने इतने बड़े स्वप्न की कल्पना की. कार्यक्रम की अध्यक्षता कर सलाहकार एवं सत्यसाई विद्यालय संस्थान के प्रमुख त्रिभुवन सचदेव ने की. उन्होंने शिवाजी महाराज की संकल्पना और शिक्षा विचार रखें.

पुस्तक का विमोचन किया
इस अवसर पर माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव गिरीश जोशी की लिखी पुस्तक अनादि समर विमोचन भी किया गया. समारोह में अहिल्या बाई होलकर त्रिशताब्दी समारोह के कार्याध्यक्ष उदय सिंह राजे होलकर मुख्य अतिथि के तौर पर कार्यक्रम में शामिल हुए. विशेष रूप से पुणे से विक्रम सिंह मोहिते सम्मिलित हुए, जो शिवाजी महाराज के सर सेनापति हम्बीर राव मोहिते के वंशज हैं.

Next Post

केक काटकर मनाई खुशी: 13 साल की हुई 10 नंबर इकाई, एमडी ने सराहा प्रबंधन का काम

Mon Feb 23 , 2026
सारनी। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के एमडी मनजीत सिंह एक दिवसीय दौरे पर पावर प्लांट सारनी पंहुचे.एमडी ने पावर प्लांट के अधिकारियों से चर्चा कर नए प्लांट के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी ली.इस मौके पर चीफ इंजीनियर एस के लिल्लोरे. एडिशनल चीफ इंजीनियर गुप्ता,एसएन सिंह.मनीष शर्मा, अधीक्षण अभियंता […]

You May Like