
छिंदवाड़ा। रविवार को राजनीतिक माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ता सड़कों पर आमने-सामने आ गए। विरोध-प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़े कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए तीन बैरिकेड तोड़ दिए और सीधे कांग्रेस कार्यालय के सामने पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के मद्देनजऱ प्रशासन ने पहले से ही बैरिकेडिंग कर रखी थी, लेकिन भीड़ के बढ़ते दबाव के चलते बैरिकेड हट गए। कांग्रेस कार्यालय के बाहर पहले से मौजूद बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा के विरोध का जवाब दिया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक, आरोप-प्रत्यारोप और जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ देर के लिए स्थिति तनावपूर्ण बनी रही और टकराव की आशंका भी जताई जाने लगी। इस मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव, विजय झांझरी, अजय सक्सेना, धर्मेन्द्र मिगलानी, विजय पांडे, अंकित जैन, शिवा सरसवार, रवि मालवी, बिट्टू मंडराह, अंकुर शुक्ला सहित सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
पुलिस ने किया लाठी चार्ज
भाजपा के नेता और कार्यकर्ताओं ने उत्तेजित होकर बेरीकेट्स हटाकर कांग्रेस कार्यालय ेसामने जा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वही कांग्रेस ने भी भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद कांग्रेसियों ने भाजपाइयों पर लाठियां फैंकना शुरू कर दिया। इधर से भाजपा ने भी वही लाठियां वापस उन पर फैंकी। इस दौरान पुलिस ने भाजपा-कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को खदेडऩे लाठियां भांजी। दोनों पार्टी के कार्यकर्ता जमकर पिटे। इसके बाद कांग्रेसी सीधे थाने जा पहुंचे। जहां उन्होंने भाजपाइयों पर शिकायत दर्ज कराने तकरीबन एक घंटा प्रदर्शन किया। हालांकि एसपी और एएसपी थाने पहुंचे। इसके बाद जाकर प्रदर्शन समाप्त हुआ।
पुतला दहन से बढ़ी गर्माहट
प्रदर्शन के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाते हुए उनका पुतला दहन किया। इसके जवाब में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। दोनों दलों के समर्थकों के बीच नारेबाजी का दौर लंबे समय तक चलता रहा, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी भीड़ एकत्र हो गई।
पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप किया। दोनों पक्षों को अलग करने और भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। अतिरिक्त बल मौके पर बुलाया गया। अधिकारियों ने समझाइश देकर कार्यकर्ताओं को शांत कराया।
