व्हाट्सएप पर आया आरटीओ चालान का मैसेज और उड़ गए 1.87 लाख

खंडवा। डिजिटल इंडिया के दौर में सायबर अपराधी मोबाइल में सेंध लगाने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। ताजा मामला खंडवा के नर्मदानगर इलाके का है, जहाँ एक पोकलेन ड्राइवर के मोबाइल पर आए एक फर्जी आरटीओ चालान के लिंक ने उसकी जिंदगी भर की कमाई पर डाका डाल दिया।

एपीके फाइल बनी डिजिटल डकैत : अंजनिया कलां निवासी जितेंद्र गौर, जो मांधाता विधायक नारायण पटेल के यहाँ ड्राइवर हैं, के पास व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया। मैसेज में आरटीओ ट्रैफिक डिपार्टमेंट के नाम से एक ्रक्क्य फाइल भेजी गई थी और दावा किया गया था कि यह उनका ई-चालान है। जैसे ही जितेंद्र ने इस फाइल को डाउनलोड किया, उनका फोन पूरी तरह हैक हो गया।

हैकर्स ने न केवल उनके फोन का कंट्रोल लिया, बल्कि वही खतरनाक फाइल जितेंद्र के फोन से उनके सभी कॉन्टेक्ट्स को भी भेज दी गई। जब तक जितेंद्र कुछ समझ पाते और फोन री-स्टार्ट करते, तब तक उनके बैंक खाते से 1,87,999 रुपये साफ हो चुके थे।

पुलिस की सुस्ती: महीने भर बाद दर्ज हुई एफआईआर

इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। जितेंद्र ने घटना के तुरंत बाद यानी 21 जनवरी को ही सायबर सेल में शिकायत कर दी थी। लेकिन, पुलिस को एफआईआर दर्ज करने में एक महीने का समय लग गया। शनिवार को नर्मदानगर थाना पुलिस ने अज्ञात ठगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना टीआई विकास खिंची के अनुसार, अब सायबर एक्सपट्र्स इस मामले की जांच कर रहे हैं।

 

बच्चों के भविष्य की जमापूंजी पल भर में खत्म

पीडि़त जितेंद्र के अनुसार, ठगों ने न सिर्फ उनके सेविंग अकाउंट से 87,999 रुपये उड़ाए, बल्कि बैंक में की गई 1 लाख रुपये की एफडी को भी तोडकऱ पैसा निकाल लिया। यह पैसा जितेंद्र ने अपनी मेहनत की कमाई और खेती-बाड़ी से बचाकर अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सहेज कर रखा था।

=मैंने बच्चों के लिए एफडी कराई थी, लेकिन एक क्लिक ने सब कुछ बर्बाद कर दिया।

– जितेंद्र गौर, पीडि़त

कैसे काम करता है यह स्कैम?

सायबर अपराधी आजकल एपीके फाइल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह एक तरह का सॉफ्टवेयर होता है, जिसे इंस्टॉल करते ही आपके फोन का एक्सेस हैकर के पास चला जाता है। वे आपके फोन के एसएमएस पढकऱ ओटीपी चुरा लेते हैं और बैंक खाते खाली कर देते हैं।

खुद को कैसे बचाएं?

8अनजान लिंक पर क्लिक न करें: व्हाट्सएप या स्रूस् पर आए किसी भी अनजान लिंक या ्रक्क्य फाइल को डाउनलोड न करें।

8 आधिकारिक एप का ही इस्तेमाल करें: चालान चेक करने के लिए हमेशा सरकारी एप या आधिकारिक वेबसाइट का उपयोग करें।

8तुरंत रिपोर्ट करें: अगर ठगी हो जाए, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।

8 किसी भी अनजान व्यक्ति के कॉल पर भरोसा न करें, चाहे वह खुद को पुलिस या बैंक अधिकारी ही क्यों न बताए। पुलिस कभी भी फोन पर पैसों की मांग नहीं करती है।

Next Post

छिंदवाड़ा में सियासी संग्राम: भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ता भिड़े, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

Sun Feb 22 , 2026
छिंदवाड़ा। रविवार को राजनीतिक माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ता सड़कों पर आमने-सामने आ गए। विरोध-प्रदर्शन के दौरान हालात इतने बिगड़े कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए गए तीन बैरिकेड तोड़ दिए और सीधे कांग्रेस कार्यालय के […]

You May Like