सियोल, 22 फरवरी (वार्ता) दक्षिण कोरिया ने ‘दोकोदो’ द्वीप पर जापान के बार-बार किये जाने वाले दावों का विरोध किया है। दोनों देशों के बीच स्थित इन द्वीपों को दक्षिण कोरिया में ‘दोकोदो’ और जापान में ‘ताकेशिमा’ कहा जाता है।
दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जापान के शिमाने प्रान्त द्वारा आयोजित तथाकथित ‘ताकेशिमा दिवस’ कार्यक्रम के संबंध में दक्षिण कोरियाई सरकार दोकोदो पर जापान के बार-बार और अनुचित क्षेत्रीय दावों का कड़ा विरोध करती है।
इस प्रान्त ने 2005 में 22 फरवरी को ‘ताकेशिमा दिवस’ घोषित किया था और तब से वह इन द्वीपों पर अपनी प्रशासनिक संप्रभुता का दावा करने के लिए वार्षिक कार्यक्रम आयोजित करता आ रहा है।
कोरियाई विदेश मंत्रालय ने जापान से इस कार्यक्रम को तुरंत समाप्त करने का आग्रह किया और इस बात पर जोर दिया कि दोकोदो ऐतिहासिक, भौगोलिक और अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत स्पष्ट रूप से दक्षिण कोरियाई क्षेत्र का अभिन्न अंग है।
मंत्रालय ने कहा कि जापानी सरकार को दोकोदो पर अपने अनुचित और निराधार दावों को तुरंत बंद करना चाहिए और विनम्र दृष्टिकोण के साथ इतिहास का डटकर सामना करना चाहिए।
उल्लेखनीय है कि 1910-1945 के जापानी औपनिवेशिक शासन से कोरियाई प्रायद्वीप की मुक्ति के बाद दक्षिण कोरिया ने इन द्वीपों पर अपनी संप्रभुता बहाल की थी। तब से दक्षिण कोरिया का दोकोदो पर प्रभावी नियंत्रण है और वहां एक छोटी पुलिस टुकड़ी तैनात है।
दक्षिण कोरियाई लोग इन द्वीपों पर जापान के क्षेत्रीय दावों को औपनिवेशिक इतिहास को नकारने के रूप में देखते हैं।
