
इंदौर। शहर में चल रहे औद्योगिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विकास, निवेश और नीतिगत सरलता पर स्पष्ट संदेश दिया। पीथमपुर की औद्योगिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित बताते हुए उन्होंने ईंधन लागत, फ्री-होल्ड जमीन और इकोनॉमिक कॉरिडोर जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और उद्योग जगत की उपस्थिति ने आयोजन को खास बना दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत उद्योगपति गौतम कोठारी ने मंच से प्रेरक पंक्तियां सुनाकर की। सभागार तालियों से गूंज उठा। इसके तुरंत बाद मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया। मंच पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, नगर अध्यक्ष सौगात मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। संबोधन के दौरान गौतम कोठारी ने उद्योगों पर बढ़ती ईंधन लागत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा बनाए रखने के लिए लागत नियंत्रण जरूरी है। मुख्यमंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में ‘शून्य से शिखर तक : 40 वर्ष की औद्योगिक यात्रा’ पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक के जरिए पीथमपुर की औद्योगिक यात्रा को रेखांकित किया गया। विमोचन के बाद मुख्यमंत्री का शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पीथमपुर ने पूरे देश में अलग पहचान बनाई है और प्रदेश औद्योगिक विकास में लगातार आगे बढ़ रहा है। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र करते हुए कहा कि इंदौर के युवा इस क्षेत्र में नई संभावनाएं साकार कर रहे हैं।
पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर को लेकर उन्होंने संकेत दिए कि यह परियोजना शीघ्र ही अपने पूर्ण स्वरूप में दिखाई देगी। उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि फ्री-होल्ड जमीन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे, ताकि लीज की जटिलताओं से राहत मिल सके।
अपने चुटीले अंदाज में उन्होंने कहा कि तकनीकी और वित्तीय प्रक्रियाओं को समझने वाले ही उसकी बारीकियां जानते हैं, लेकिन सरकार का प्रयास है कि व्यवस्था सरल और पारदर्शी बने।
कार्यक्रम के अंत तक उद्योग जगत में निवेश और विस्तार को लेकर सकारात्मक माहौल साफ नजर आया। इंदौर में चल रहे इस आयोजन ने औद्योगिक विकास को लेकर नई उम्मीदें जगा दी हैं।
