इंदौर: चाइनीज मांझे से हो रही मौतों को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने साफ कर दिया है कि अब इस प्रतिबंधित मांझे की वजह से अगर किसी की जान जाती है, तो इसे साधारण हादसा नहीं माना जाएगा, बल्कि बीएनएस की धारा के तहत गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होगा. कोर्ट ने साफ कहा कि प्रतिबंध लागू होने के बावजूद लगातार घटनाएं सामने आना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और गंभीर चिंता का विषय है.
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चाइनीज मांझा बेचने या उसका इस्तेमाल करते पकड़े जाने पर सीधे आपराधिक कार्रवाई की जाएगी. इतना ही नहीं, यदि नाबालिग इस मांझे का उपयोग करते पाए जाते हैं, तो जिम्मेदारी उनके अभिभावकों की मानी जाएगी और उनके खिलाफ भी प्रकरण दर्ज किया जाएगा. कोर्ट के संज्ञान में लाया गया कि इंदौर में बीते कुछ महीनों के दौरान चाइनीज मांझे से तीन लोगों की जान जा चुकी है.
इसके अलावा कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं और बड़ी संख्या में पक्षी भी इस खतरनाक डोर की चपेट में आकर मारे गए हैं. कोर्ट ने यह भी कहा कि 14 जनवरी को मकर संक्रांति है और पतंगबाजी के दौरान ऐसे हादसों की आशंका और बढ़ जाती है. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमित्र सीनियर एडवोकेट विवेक शरण और आकाश शर्मा ने सुझाव दिया कि संक्रांति को देखते हुए इंदौर सहित हाईकोर्ट की परिधि में आने वाले 14 जिलों से अब तक की गई कार्रवाई और तैयार की गई कार्ययोजना की रिपोर्ट तलब की जाए. कोर्ट ने अगली सुनवाई 16 जनवरी तय की है, इस दौरान कलेक्टर शिवम वर्मा भी अदालत में मौजूद रहे.
