नई दिल्ली | भारत और ब्राजील के रणनीतिक संबंधों में आज एक नया अध्याय जुड़ गया जब राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा अपनी 5 दिवसीय राजकीय यात्रा पर दिल्ली पहुँचे। राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका औपचारिक स्वागत किया, जहाँ उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद हैदराबाद हाउस में दोनों वैश्विक नेताओं के बीच उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता हुई। इस यात्रा को ‘ग्लोबल साउथ’ की एकजुटता और भविष्य की तकनीक के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
राष्ट्रपति लूला के साथ ब्राजील की 300 से अधिक दिग्गज कंपनियों के प्रमुखों और 14 मंत्रियों का एक विशाल प्रतिनिधिमंडल भारत आया है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 15.2 बिलियन डॉलर से बढ़ाकर 20 बिलियन डॉलर के पार ले जाना है। इसी कड़ी में दिल्ली में ब्राजील के पहले ‘ट्रेड ऑफिस’ का उद्घाटन भी किया गया। लूला ने ‘AI इम्पैक्ट समिट 2026’ में भारत के प्राचीन गणितीय योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ‘बाइनरी सिस्टम’ देने वाला भारत ही आधुनिक कंप्यूटिंग की असली जन्मस्थली है।
द्विपक्षीय चर्चा के दौरान चीन पर निर्भरता कम करने के लिए ब्राजील से क्रिटिकल मिनरल्स (महत्वपूर्ण खनिजों) की आपूर्ति पर एक महत्वपूर्ण समझौते (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही, रक्षा और विमानन क्षेत्र में ब्राजीलियाई कंपनी ‘एम्ब्रेयर’ का भारत के अडाणी और महिंद्रा समूह के साथ विमान निर्माण को लेकर बड़े गठजोड़ की समीक्षा की जा रही है। कूटनीतिक मोर्चे पर भारतीयों के लिए 10 साल की ‘मल्टीपल एंट्री’ वीजा प्रणाली शुरू करने पर भी सहमति बनने की संभावना है, जो दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करेगी।

