मुंबई, 06 नवंबर (वार्ता) देश के सेवा क्षेत्र की गतिविधियों की वृद्धि दर अक्टूबर में एक महीने पहले की तुलना में घट गयी है, हालांकि अब भी यह काफी मजबूत बनी हुई है।
एचसबीसी द्वारा गुरुवार को जारी भारत सेवा खरीद प्रबंधक सूचकांक (पीएमआई) अक्टूबर में 58.9 दर्ज किया गया। यह सितंबर में 60.9 रहा था। सूचकांक का 50 से ऊपर रहना गतिविधियों में वृद्धि को और इससे कम रहना गिरावट को दिखाता है जबकि 50 का स्तर स्थिरता का द्योतक है।
पीएमआई रिपोर्ट में बताया गया है कि अक्टूबर में उत्पादन और बिक्री दोनों में पांच महीने की सबसे कमजोर वृद्धि दर दर्ज की गयी है। लागत और विक्रय मूल्य की वृद्धि दर भी सुस्त पड़ी है। इसके बावजूद कंपनियां भविष्य में विकास को लेकर आशांवित रहीं।
इन आंकड़ों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारत में एचएसबीसी के मुख्य अर्थशास्त्री प्रांजुल भंडारी ने कहा कि भारतीय सेवा क्षेत्र का पीएमआई अक्टूबर में घटकर 58.9 रह गया जो मई के बाद सबसे सुस्त वृद्धि है। खरीद प्रबंधकों ने प्रतिस्पर्धात्मक दबाव और भारी बारिश को इसकी वजह बताया है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद यह 50 के निरपेक्ष स्तर से काफी ऊपर बना हुआ है।
श्री भंडारी ने बताया कि विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को मिलाकर संयुक्त पीएमआई सितंबर के 61 से घटकर अक्टूबर में 60.4 पर आ गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय सेवाओं की अंतर्राष्ट्रीय मांग में अक्टूबर में और सुधार हुआ, हालांकि इसकी रफ्तार इस साल मार्च के बाद सबसे निचले स्तर पर रही।

