
उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व निपटने के बाद अब उज्जैन में 26 फरवरी को भगवान महाकाल का रिसेप्शन होगा। इस आयोजन की अनूठी पत्रिका भी छपाई गई है जो चिंतामन गणेश के दरबार में अर्पित करने के बाद श्रद्धालुओं में बांटना शुरू हो गई है। शिव-पार्वती के इस विशेष रिसेप्शन में नगर में बारात भी निकाली जाएगी। हल्दी-मेहंदी, संगीत व लग्नी जैसी हर वो रस्म की जाएगी जो विवाह में होती है। यह जानकारी देते हुए मंडल के महेंद्र कटियार, राजेश अग्रवाल, पं. रमण त्रिवेदी ने बताया कि यह आयोजन हर साल महाशिवरात्रि पर्व के बाद महाकाल शयन आरती भक्त मंडल के तत्वावधान में किया जाता है। इस महारिसेप्शन में नगरभर से हजारों श्रद्धालु महाप्रसादी लेने उमड़ेंगे। इस बार यह आयोजन नृसिंह घाट रोड कुमावत धर्मशाला के विशाल परिसर में शाम 4 बजे से रखा गया है।
ऐसा रहेगा इस अनूठे शिव विवाह का शेड्यूल
25 फरवरी को गणेश पूजन, हल्दी-मेहंदी और महिला संगीत, 26 फरवरी को दोपहर 1 बजे से महिला संगीत, शाम 4 बजे नगरकोट से बारात, शाम 5 बजे शुभ लग्न, 26 फरवरी शाम 6 बजे से रिसेप्शन में महाप्रसादी शुरू। स्वागत महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी रमन त्रिवेदी और दिनेश पुजारी द्वारा किया जाएगा। रिसेप्शन के दौरान पहले बारात का स्वागत किया जाएगा फिर भक्ति संगीत शुरू होगा जिसमें भजन सम्राट किशन भगत, मनीष तिवारी और श्वेता जोशी सुमधुर भजनों की प्रस्तुति देंगे। बता दें कि शहर वासियों को शिवरात्रि पर्व के साथ ही बाबा के रिसेप्शन का भी बड़ी बेसब्री से इंतजार रहता है।
पत्रिका में शिव परिवार, 33 करोड़ देवता
विवाह निमंत्रण के रूप में छपवाई गयी पत्रिका में दर्शनाभिलाषी रिद्धि-सिद्धि संग श्री गणेश और स्वागतातुर तैंतीस करोड़ देवी-देवता का उल्लेख कर इसे धार्मिक भाव से सजाया गया है। शहर के कई घरों और प्रतिष्ठानों में पीले चावल देने के साथ निमंत्रण पत्रिका बांटी जा रही है। महाकाल मंदिर में किसी भी धार्मिक आयोजन के लिए शहरवासी तन मन धन से समर्पित हो जाते हैं। चाहे वह सावन महोत्सव या भगवान महाकाल की शाही सवारी सभी आयोजन में शहरवासियों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालु भी समर्पित मन से ऐसे जुट जाते हैं। जैसे वह शहर के रहने वाले हैं।
