जीवंत हुई विश्वप्रसिद्ध नवग्रह शक्ति पीठ, वेद मंत्रों के साथ हुई प्राण प्रतिष्ठा

ग्वालियर। विश्व प्रसिद्ध नवग्रह शक्तिपीठ पर नौ दिनों से आयोजित किए जा रहे धार्मिक अनुष्ठान में शुक्रवार को नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा के साथ पूर्णाहुति हुई। इस दौरान वेदमंत्रों से देवताओं का आह्वान कर यज्ञ में आहुतियां दीं। इसी के साथ नवग्रह शक्ति पीठ श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दी गई।

इस अवसर पर शारदा पीठ के शंकराचार्य जगतगुरू स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा कि मनुष्य जीवन में वे क्षण दुर्लभ होते हैं, जब उसके मन मे अच्छा काम करने की इच्छा जाग्रत होती है। देवताओं का मंदिर का निर्माण करना सत्कर्म हैं। डॉ नरोत्तम मिश्रा पर भगवान की असीम कृपा हुई कि वे नवग्रह शक्तिपीठ के निर्माण का अभूतपूर्व कार्य कर पाए।

स्वामी सदानंद सरस्वती ने कहा कि अपने लिए तो हर व्यक्ति रोटी, कपड़ा और मकान की व्यवस्था कर लेता है, लेकिन जो संपूर्ण मानव जाति के कल्याण के लिए कर्म करता है ऐसे पुनीत कार्य भगवान की कृपा से ही संभव है। उन्होंने कहा कि सद्मार्ग पर चलने और ईश्वर परायणता सिद्ध करने के लिए कर्म का सहारा लेना पड़ता है।

*शंकराचार्य ने बताए हिंदुओं के कर्तव्य…*

शंकराचार्य ने हिंदुओं के कर्तव्य बताते हुए कहा कि सत्य बोलना, गायत्री जाप, अतिथि सेवा, गौसेवा, कुंआ और सरोवरों का निर्माण, पुराने मंदिरों का जीर्णोद्वार एवं नए मंदिरों का निर्माण, स्कूल एवं अस्पताल बनवाना, सभी प्राणियों के कल्याण की भावना करना, शरणागत की रक्षा करना, जीव हिंसा नहीं करना,यज्ञ कराने वाले ब्राह्मणों को दक्षिणा देकर प्रणाम करना। यानि मनुष्य को जब करना चाहिए, वो सब डॉ नरोत्तम मिश्रा ने किया है।

*डबरा को बना दिया धर्मनगरी…*

प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान देश के शीर्षस्थ संत महंतों एवं देश की विशेष हस्तियों की मौजूदगी से डबरा में दस दिन तक महाकुंभ जैसा माहौल रहा। यज्ञ शाला में प्रतिदिन प्रत्येक ग्रह देवता के लिए जहां एक लाख आहुतियां दी गई, वहीं संत दाती महाराज का अनुष्ठान भी शक्ति पीठ पर पूरे दस दिन चला। यहां हर दिन कथा के रूप में धर्म की गंगा बहती रही और शाम के वक्त रासलीला जैसे आयोजन श्रद्धालुओं की भक्ति को पुष्ट करते रहे। पहले तीन दिन में शिव पुराण कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव कथा, उसके बाद डॉ. कुमार विश्वास की कथा अपने-अपने राम से भक्त भाव विह्वल होते रहे। बागेश्वर पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी हनुमंत कथा से महोत्सव की समाप्ति की। उनके दिव्य दरबार ने लोगों के कष्टों का निवारण कर वातावरण को और भी श्रद्धामय बना दिया। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक इंद्रेश उपाध्याय, साध्वी ऋतुंबरा, श्रीमलूकपीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्रदास महाराज, डॉ श्याम सुंदर पाराशर सहित राष्ट्रीय संत देवकीनंदन ठाकुर, रावतपुरा सरकार रवि शंकर महाराज, अयोध्या धाम के वैदेही बल्लभ महाराज, दंदरौआ धाम के रामदास महाराज, धूमेश्वर धाम के अनिरुद्ध महाराज, पंडोखर सरकार गुरु शरण महाराज एवं अन्य संत कथावाचकों ने आशीर्वचनों से पूरे दस दिन डबरा को धर्म कुंभ में बदल दिया।

*शीर्षस्थ संतों के साथ दिग्गज नेताओं ने की शिरकत*

इस धर्म समागम में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भा.ज.पा. प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी महेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और कैलाश विजयवर्गीय जैसे राजनेताओं का आगमन हुआ। अभिनेता आशुतोष राणा भी आए। प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के समापन में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव भी शामिल हुए।

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