वॉशिंगटन, 20 फरवरी (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान को चेतावनी दी कि यदि वह अपने परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने में विफल रहा तो ‘बुरी चीज़ें’ होंगी और उन्होंने ईरान पर फैसले के लिए अपनी समय सीमा 10-15 दिन तक बढ़ा दी।
श्री ट्रंप का यह बयान पश्चिम एशिया में अमेरिका की भारी सैन्य तैयारी के बीच आया है, जिससे बड़े युद्ध की चिंताएं बढ़ गयी हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत अच्छी चल रही है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ईरान को एक ‘अर्थपूर्ण’ समझौता करना होगा। इस बीच, अमेरिका इस सप्ताह के अंत तक ईरान पर हमला करने के लिए तैयार है, हालांकि श्री ट्रंप ने अभी तक कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है।
एयर फोर्स वन में संवाददाताओं से बात करते हुए, श्री ट्रंप ने कहा, “10-15 दिन, ज़्यादा से ज़्यादा। या तो हम समझौता कर लेंगे या यह उनके लिए बुरा होगा।”
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि उन्हें 10 दिनों के अंदर पता चल जाएगा कि ईरान के साथ समझौता मुमकिन है या नहीं। उन्होंने बोर्ड ऑफ़ पीस की पहली बैठक में कहा, “ हमें इसे एक कदम और आगे ले जाना पड़ सकता है, या शायद नहीं भी। शायद हम एक समझौता कर लें। आपको अगले शायद 10 दिनों में पता चल जाएगा।”
श्री ट्रंप ने इज़रायल के ज़ोर देने पर ईरान के खिलाफ़ सैन्य कार्रवाई की बार-बार बात की है। ईरान में पिछले महीने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर हिंसक कार्रवाई में हज़ारों लोग मारे गये थे।
पिछले साल जून में ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिका के हमलों का ज़िक्र करते हुए, श्री ट्रंप ने दोहराया, “ ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकता। अगर उनके पास परमाणु हथियार हैं तो आप पश्चिम एशिया में शांति नहीं ला सकते। ”
श्री ट्रंप ने कहा, “ अब ईरान के लिए हमारे साथ उस रास्ते पर चलने का समय है, जो हम कर रहे हैं, उसे पूरा करे।अगर वे हमारे साथ आते हैं, तो यह बहुत अच्छा होगा। अगर वे हमारे साथ नहीं आते हैं, तो भी यह बहुत अच्छा होगा। लेकिन यह एक बहुत अलग रास्ता होगा। वे पूरे इलाके की स्थिरता को खतरा नहीं पहुंचा सकते। ”उन्होंने कहा कि उन्हें एक समझौता करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ, ‘तो बुरी चीजें होंगी।’
