जबलपुर:देश की आर्थिक उन्नति, राष्ट्रीय योजनाओं के सही क्रियान्वयन और नीति निर्धारण के लिए जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्र का दर्पण है। इसी संकल्प के साथ नगर निगम द्वारा आजादी के बाद की 8वीं और 1872 के बाद की 16वीं जनगणना का विधिवत प्रशिक्षण कार्यक्रम स्मार्ट सिटी कार्यालय नगर निगम के आयुक्त एवं शहरी क्षेत्र के मुख्य जनगणना अधिकारी रामप्रकाश अहिरवार की उपस्थिति में शुरू किया गया।
यह प्रशिक्षण 20 फरवरी 2026 को सम्पन्न होगा। इस बार की जनगणना में तकनीक और जन-भागीदारी का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने बताया कि इतिहास में पहली बार आम नागरिकों को स्व-गणना का सौभाग्य प्राप्त होगा। आम जनता स्वयं पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे, जिससे आंकड़ों में शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।गुरूवार को निगमायुक्त के साथ जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक रामावतार पटेल, जबलपुर जिले के प्रभारी मनोज नाथानी एवं नगर निगम के अपर आयुक्त मनोज श्रीवास्तव आदि ने बारी-बारी से जिला एवं निगम कर्मचारियों को जनगणना की बारीकियों से परिचय कराया तथा विस्तृत जानकारियां दीं।
इस तरह चलेगी प्रक्रिया
प्रशिक्षण में संयुक्त निदेशक रामावतार पटेल और जिला प्रभारी मनोज नाथानी ने स्पष्ट किया कि यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। उन्होंने बताया कि 16 से 30 अप्रैल 2026 तक पोर्टल के माध्यम से आमजन द्वारा स्व-गणना का कार्य किया जायेगा, स्व गणना करने के उपरांत आमजनमानस को जनरेट एस.ई. आई.डी. सुरक्षित रखना होगा और जब उनके घर प्रगणक आए तो उन्हें देना एवं बताना होगा। उन्होंने बताया कि 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य किया जायेगा। इसी प्रकार फरवरी 2027 में मुख्य जनसंख्या गणना के कार्य की शुरुआत होगी।
