
सिंगरौली। नगर पालिक निगम सिंगरौली के सभागार में आज गुरूवार की दोपहर नगर परिषद अध्यक्ष देवेश पाण्डेय की अध्यक्षता में एवं आयुक्त सविता प्रधान की मौजूदगी में बैठक शुरू हुई। बैठक के शुरुआत होते ही भाजपा के पार्षद संतोष शाह ददोली ने भ्रष्ट्राचार का मुद्दा उठाते हुए बैठक से वाकआऊट कर दिया। पार्षद ने कहा कि आज कई वर्षो से एनसीएल ग्राउंड मार्ग में नाली निर्माण के लिए प्रयास करता रहा। जहां नाली निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद कार्य शुरू हुआ। जहां पता चला कि नाली निर्माण कार्य हुआ नही और राशि आहरित कर ली गई। नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। इसकी जांच के लिए निगम आयुक्त से मिलकर चर्चा भी किया लेकिन आज तक स्थिति स्पष्ट नही की गई। उक्त पार्षद के साथ नेता प्रतिपक्ष सीमा जायसवाल,पार्षद भारतेन्दू पाण्डेय समेत अन्य कई पार्षदों ने बैठक छोड़कर चले गए। ननि अध्यक्ष देवेश पाण्डेय ने एजेण्डे पर फिर से चर्चा करने के लिए कहा जहां कांग्रेस पार्षद अखिलेश सिंह ने सीधे महापौर रानी अग्रवाल पर विफर गए। पार्षद ने कहा कि मेयर मौजूद हैं लेकिन उनके एमआईसी सदस्य बैठक में क्यों नही हैं। क्या यह बैठक अधिकृत रुप से नही बुलाई गई है और क्या मेयर नगर के विकास के प्रति गंभीर नही है,स्पष्ट करें। न्यायालय में जाने के लिए सबका अधिकार है,परंतु नगर के विकास कार्य में क्यों रोड़ा डाल रही हैं। इसके पीछे मेयर की मंशा क्या है? क्या वे नगर का विकास नही चाहती हैं,वहीं पार्षद ने यह भी मुद्दा उठाया कि पिछले दिनों खबर सुनने में आयी कि आयुक्त के द्वारा पार्षदो के साथ नगर विकास के लिए बैठक की गई है। क्या हम लोग पार्षद नही है,चुनिंदा ही पार्षदों को बैठक में क्यों बुलाया गया। हालाकि पार्षद के उक्त सवालों का नगर निगम अध्यक्ष ने जवाब दिया लेकिन उनका जवाब गोलमाल रहा। इस जवाब से पार्षद का गुस्सा ठंडा नही हुआ और एजेण्डे पर ही वार-पलटवार श्ुारू हो गया। मेयर रानी अग्रवाल ने उच्च न्यायालय के निर्णय का हवाला देते हुए बताया कि एजेण्डे में अन्य बिन्दु जोड़ने का अधिकार को नही है। उन्होने नपानि अधिनियम का हवाला भी दिया। वहीं अध्यक्ष ने आयुक्त को इसका जवाब देने के लिए कहा। जहां आयुक्त सविता प्रधान के निर्देश पर उपायुक्त आरपी वैश्य ने सदन को बताया कि परिषद की बैठक में यदि एक तिहाई पार्षद किसी बिंदु पर सहमत हैं तो उस बिंदु को एजेंडे में शामिल किया जा सकता है। उपायुक्त के जवाब से मेयर नाखुश दिखी। जहां फिर से पार्षद अखिलेश सिंह ने मेयर को कहा कि आप नगर का विकास नही करता चाहती हैं। हम सब एक साल बाद फिर से जनता के बीच जाएंगे तो क्या जवाब देंगे। आप ने चुनाव के वक्त क्या-क्या वायदे किए थे,एक भी वायदे क्यों नही पूरा किए?उन्होने यह भी कहा कि महापौर आप कार्यवाही बाधित न करें। करीब आठ महीने से नगर परिषद की बैठक नही बुलाई गई। आप चर्चा से भाग रही हैं। बात-बात में न्यायालय जाने की क्या जरुरत है। आप के बदौलत सिविक सेंटर का मामला न्यायालय पहुंचा है। यह काम कब होगा,साथ ही नगर निगम के निर्माणाधीन कार्य कग पूर्ण किए जाएंगे। उन्होने यहंा तक कहा कि मेयर के कामकाज एवं नपानि के सिस्टम का घोर विरोध करता हूं। वहीं भाजपा पार्षदों के वाकआऊट के बाद ननि अध्यक्ष ने शुक्रवार की सुबह 11 बजे तक के लिए बैठक स्थगित करने की घोषणा किया। बैठक में कार्यपालन यंत्री संतोष पाण्डेय समेत भाजपा व कांग्रेस के पार्षद मौजूद थे।
एमआईसी सदस्य व आप पार्षद भी नदारत
परिषद की बैठक में एमआईसी के सदस्यों के अलावा आम आदमी पार्टी के पार्षद भी नदारत रहे। हालाकि नगर निगम के बाहर बैठक पर नजर रखे हुए थे और पल-पल की जानकारियों एमआईसी सदस्य व आप के पार्षद ले भी रहे थे। नगर निगम में ही इस बात की चर्चा है कि मेयर एवं एमआईसी सदस्य शहर के विकास के प्रति गंभीर नही है। बल्कि विकास कार्यो में रोड़ा डाल रहे हैं। जिसके चलते नगर के विकास कार्य पर इस समय संकट के बादल जहां मंडरा रहे हैं,वहीं माडल रोड के खस्ता हालात को लेकर लोगबाग मेयर पर ही निशाना साध रहे हैं। हालाकि बमुश्किल से 9 करोड़ रुपए की मंजूरी सड़क निर्माण के लिए मिली हैं। लेकिन सात महीने से बैढ़न शहरवासी खस्ताहाल सड़क से चलने के लिए मजबूर हैं।
भाजपा पार्षदों के वॉकआऊट से सब हतप्रभ
नगर परिषद की बैठक निर्धारित समय से करीब ढाई घंटे बाद शुरू हुई। हालाकि इसके पहले नवनिर्वाचित पार्षद विजय शाह को पीठासीन अधिकारी एसडीएम ने पद व गोपनियता की शपथ दिलाया। इसके बाद परिषद की बैठक जैसे ही शुरू हुआ। एजेंडे पर चर्चा की बारी आई। पार्षद संतोष शाह ने भ्रष्ट्राचार का मुद्दा उठाकर सबको चौंका दिया और भ्रष्ट्राचार पर अपनी बात करते हुए सीधे बैठक का वाकआऊट कर दिया। इस नजारे को देख परिषद में मौजूद कर कोई हदप्रद रह गया। वहीं नगर निगम में तरह-तरह की चर्चाए चल रही थी। कोई कह रहा था कि यह सोची समझी रणनीति का हिस्सा था और कुछ कह रहे थे कि नगर निगम में चल रहे भ्रष्ट्राचार से हर कोई परेशान है।
