
भोपाल। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने आज विधानसभा में स्वीकार किया कि राज्य में लगभग 1800 से ज्यादा शालाओं को जीर्ण-शीर्ण के तौर पर चिन्हित किया गया है और एक समय में सांदीपनि विद्यालयों के निर्माण के कारण मरम्मत समेत अन्य कार्य शिथिल कर दिए गए थे।
श्री सिंह प्रश्नकाल के दौरान विधायक दिनेश राय मुनमुन के प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में एक हजार 816 शाला को जीर्ण-शीर्ण अवस्था में माना गया है। भवन मरम्मत का सरकार ने प्लान तैयार किया है। 30 हजार के आसपास भवनों में मरम्मत की आवश्यकता है। साल 2025-26 में लगभग साढ़े पांच हजार भवन मरम्मत हेतु लिए गए, भवन विहीन शालाएं 375 हैं, जिनमें से 230 को 2025-26 में शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि स्कूलों में बालक शौचालयों में दो हजार 700 की कमी है, जिनमें से अभी 332 स्वीकृत किए गए हैं। राज्य में दो हजार 721 बालिका शौचालयों की कमी थी, इन सभी को स्वीकृत किया गया है।
उन्होंने कहा कि बीच में एक समय ऐसा था, जब सांदिपनि विद्यालयों के निर्माण के कारण उन्नयन, नये भवन, प्राथिमक शाला के भवन जैसे कार्यों में शिथिलता प्रदान की गई थी, लेकिन अब सरकार ने इस पर काम करना शुरु कर दिया है।
