“सजा को पैसों से नहीं खरीदा जा सकता”, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को पलटा, कहा- मुआवजा कभी भी कारावास का विकल्प नहीं हो सकता

नई दिल्ली | सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में स्पष्ट किया है कि अपराधियों को दी जाने वाली सजा का मकसद समाज में एक कड़ा संदेश देना है, जिसे महज आर्थिक मुआवजे से बदला नहीं जा सकता। जस्टिस राजेश बिंदल और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ ने कहा कि सजा बदमाशों को यह बताने के लिए है कि कानून का उल्लंघन करने पर परिणाम भुगतने होंगे। कोर्ट ने दुख जताया कि कई अदालतों में यह गलत धारणा बन रही है कि भारी जुर्माना लगाकर सजा कम की जा सकती है। बेंच ने जोर दिया कि न्याय न केवल होना चाहिए, बल्कि समाज को होता हुआ दिखना भी चाहिए।

शीर्ष अदालत ने मद्रास हाईकोर्ट के उस फैसले की कड़ी आलोचना की, जिसमें हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामले में तीन साल की सजा को घटाकर केवल दो महीने कर दिया गया था। हाईकोर्ट ने तर्क दिया था कि घटना को 10 साल बीत चुके हैं और आरोपी पीड़ित को अतिरिक्त मुआवजा देने को तैयार हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इसे ‘कानून का मजाक’ करार देते हुए कहा कि ऐसी ‘बेवजह हमदर्दी’ न्याय प्रणाली को नुकसान पहुँचाती है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ में मुआवजे का प्रावधान सजा के अतिरिक्त है, न कि उसके स्थान पर।

सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए दोनों आरोपियों को तत्काल प्रभाव से सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि आरोपियों को चार हफ्ते के भीतर ट्रायल कोर्ट के सामने पेश होना होगा और अपनी शेष सजा पूरी करनी होगी। बेंच ने प्रोफेसर एच.एल.ए. हार्ट का हवाला देते हुए कहा कि सजा का उद्देश्य बदला लेना नहीं, बल्कि समाज के ताने-बाने को सुरक्षित रखना और भविष्य में होने वाले अपराधों को रोकना है। यह फैसला स्पष्ट करता है कि गंभीर अपराधों में आरोपी केवल धन शक्ति के बल पर जेल जाने से नहीं बच सकते।

Next Post

भारत और फ्रांस के बीच ऐतिहासिक 21 समझौतों पर लगी मुहर, राफेल डील से लेकर हेलीकॉप्टर फैक्ट्री तक रक्षा और तकनीक में बढ़ी रणनीतिक साझेदारी

Wed Feb 18 , 2026
मुंबई | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को मुंबई में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें भारत-फ्रांस संबंधों को ‘विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक पहुँचाने के लिए 21 महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान दोनों नेताओं ने कर्नाटक के वेमगल में […]

You May Like