सतना : वन मंडल शहडोल से निकलकर वन मंडल सीधी होते हुए जंगली हाथियों का जोड़ा मैहर जिले के रामनगर वन क्षेत्र में पहुंच गया. हाथियों की दस्तक के चलते रामनगर वन क्षेत्र के आस पास के आधा दर्जन गावों में हडक़ंप मचने लगा. मामले की गंभीरता को देखते हुए सक्रिय हुए वन अमले द्वारा जीपीएस ट्रैकर से निगरानी करते हुए हाथियों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं. मैहर जिले की रामनगर तहसील अंतर्गत भैंसर मनकेश्वर और सरिया सहित आस पास के अन्य गांव में अचानक जंगली हाथियों का जोड़ा देखा जाने लगा.
जिन्हें देखते ही ग्रामीणों के बीच दहशत फैल गई. हाथियों का जोड़ा खेतों के बीच से होते हुए जहां तहां घूमने लगा. जिसके चलते खेत में मौजूद फसल को भी नुकसान पहुंचने लगा. इसी कड़ी में हाथियों को जोड़ा कंदवारी गांव में भी पहुंच गया. जहां खेतों को नुकसान पहुंचने के साथ ही चहरदिवारी भी तोड़ दी. घटना की सूचना मिलते ही रामनगर क्षेत्र का वन अमला सक्रिय हो गया. मौके पर पहुंचने के बाद ग्रामीणों को समझाइस देते हुए वन अमले द्वारा सबसे पहले प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बंद करा दी गई.
चूंकि इससे पहले भी जंगली हाथियों के मूवमेंट के दौरान एक हाथी की सूंड़ हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई थी. लिहाजा वन विभाग द्वारा सबसे पहले यह सावधानी बरती गई. वन अमले ने ग्रामीणों से लाउडस्पीकर के जरिए यह अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और पास जाकर वीडियो बनाने का प्रयास न करें. विशेष तौर पर बुजुर्ग और बच्चों को सावधानी बरतने की समझाइस दी गई. इसके साथ ही यह ताकीद भी की गई कि हाथियों को उकसाने व घेरने की कोशिश कतई न की जाए. क्योंकि इससे वे आक्रमक होक सकते हैं. वन अमले के अनुसार नर और मादा हाथियों का जोड़ा है. जिसमें से एक पर जीपीएस ट्रैकर लगा हुआ है. जिसके जरिए उनके मूवमेंट की निगरानी की जा रही है.
सुरक्षित वापसी के प्रयास जारी
वन अमले के अनुसार विशेष दल के द्वारा हाथियों को बिना किसी नुकसान के प्राकृतिक आवास की ओर भेजने के प्रयास किए जा रहे हैं. फिलहाल जीपीएस ट्रैकर से निगरानी की जा रही है. लेकिन आवश्यकता पडऩे पर ड्रोन सर्विलांस और अतिरिक्त बल की सहायता भी ली जा सकती है. राहत की बात यह है कि हाथियों के मूवमेंट के चलते किसी तरह की जनहानि की सूचना अब तक सामने नहीं आई है. वहीं जिन किसानों के खेतों में नुकसान पहुंचा है, सर्वे कराने के बाद नियमानुसार क्षतिपूर्ति प्रदान की जाएगी
