सिंहस्थ की तैयारी में जुटा उज्जैन, सडक़ों और व्यवस्थाओं को मिल रही नई रफ्तार

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए उज्जैन में व्यापक स्तर पर विकास और निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का गृह नगर होने के साथ-साथ महाकाल की नगरी आज देश-विदेश के श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। महाकाल मंदिर और महाकाल लोक के विस्तार के बाद प्रतिदिन लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंच रहे हैं। ऐसे में शहर की यातायात व्यवस्था, सडक़ें, जल निकासी और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं का सुदृढ़ और व्यवस्थित होना अत्यंत आवश्यक हो गया है।

सिर्फ सडक़ों का विस्तार ही नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है। 17 फरवरी को शहर के नौ प्रमुख स्थानों पर जल सुनवाई का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार, महापौर मुकेश टटवाल एवं निगम अध्यक्ष कलावती यादव के निर्देश पर यह पहल की गई है, ताकि पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। मुरलीपुरा, मिर्चीनाला, खिलचीपुर, महानंदा नगर, त्रिवेणी विहार, नागझिरी, देवास गेट, नगर निगम मुख्यालय और कलेक्ट्रेट भवन में प्रात: 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक आयोजित इस सुनवाई में पीएचई विभाग के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। पेयजल लीकेज, नल कनेक्शन, बोरवेल, हैंडपंप तथा पानी की गुणवत्ता जांच से संबंधित समस्याओं का मौके पर निराकरण किया जाएगा। उज्जैन तेजी से विकसित हो रहा है और सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के साथ शहर को एक सुव्यवस्थित, स्वच्छ और आधुनिक स्वरूप देने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है, वहीं शहरवासियों की भी जिम्मेदारी है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, स्वच्छता बनाए रखें और विकास कार्यों में सहयोग दें। संगठित प्रयासों से ही उज्जैन को आस्था के साथ-साथ व्यवस्थापन का भी आदर्श शहर बनाया जा सकेगा।

आयुक्त पहुंचे निर्माण स्थल-मेन पॉवर बढ़ाएं

इसी उद्देश्य से उज्जैन नगर निगम द्वारा शहर के आधारभूत ढांचे को मजबूत करने के लिए मार्ग चौड़ीकरण कार्यों में तेजी लाई जा रही है। नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने खजूर वाली मस्जिद से केडी गेट होते हुए बड़े पुल तक तथा शांति पैलेस चौराहे से नानाखेड़ा चौराहे तक किए जा रहे मार्ग चौड़ीकरण कार्य का निरीक्षण अधिकारियों के साथ किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गति बढ़ाने, संसाधनों और मैनपॉवर में वृद्धि करने तथा आवश्यकता अनुसार रात्रि में भी कार्य संचालित करने के निर्देश दिए। वर्तमान में दोनों स्थलों पर नाली निर्माण और स्ट्रांग वॉटर ड्रेन का कार्य प्रगति पर है। शांति पैलेस से नानाखेड़ा चौराहे तक लगभग 12.5 करोड़ रुपये की लागत से 45 मीटर चौड़े और लगभग 450 मीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जा रहा है, जिससे भविष्य में बढ़ते यातायात दबाव को नियंत्रित किया जा सकेगा। निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त पवन कुमार सिंह, अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता, कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव सहित अन्य अधिकारी एवं संबंधित ठेकेदार उपस्थित रहे।

Next Post

किसान कल्याण वर्ष का पहला प्रदेश स्तरीय सम्मेलन 18 को ग्वालियर में, सीएम आएंगे

Mon Feb 16 , 2026
ग्वालियर। किसान कल्याण वर्ष का पहला राज्य स्तरीय विशाल किसान सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में 18 फरवरी को ग्वालियर जिले के ग्राम कुलैथ में आयोजित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ग्राम कुलैथ में आयोजित होने जा रहे किसान सम्मेलन से मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत सिंगल […]

You May Like