रीवा: महाशिवरात्रि का पर्व शहर से लेकर जिले भर में भक्तिमय वातावरणमें धूमधाम के साथ मनाया गया. शिवालयो में तडक़े से दर्शन के लिये भक्तो का तांता लगारहा. फूलो से सजी मंदिरो में भक्तगण भगवान भोलेनाथ को जल चढ़ाकर दर्शन किये. इसके साथ ही दर्शन का दौर देर रात तक चलता रहा. शहर में हर वर्ष की तरह इस बार भी शिव बारात निकाली गई और जगह-जगह भंडारे का प्रसाद बांटा गया.
महाशिवरात्रि का पर्व पूजा अर्चना के साथ मनाया गया. किला सहित गुढ़ ढढ़ेश्वर आदि स्थानो पर मेला लगा, जहा बच्चो ने जमकर खरीददारी की. दिन भर भक्तिमय वातावरण रहा, मंदिर से अंदर से लेकर बाहर तक केवल भक्तो की भीड़ देखने को मिली. कड़ी सुरक्षा के बीच मंदिरो में भक्तो ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन किये. सुबह से लेकर दोपहर एक बजे तक सबसे ज्यादा भीड़ थी. हालाकि शाम को भीड़ कम हुई. देर रात तक तांता लगा रहा.
बैजू धर्मशाला से निकली भोलेनाथ की बारात
शिव बरात आयोजन एवं जनकल्याण समिति द्वारा महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की भव्य बरात व्यंकट रोड़ रीवा स्थित बैजू धर्मशाला के प्रांगण से प्रात:काल 9.30 बजे निकाली गई. शिवबरात का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल एवं पंचमठ आश्रम रीवा के स्वामी विजयशंकर ब्रहम्चारी द्वारा भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना उपरांत बम-बम भोले जय भोले, हर-हर-महादेव के गगनभेदी नारो के साथ हुआ. बरात बैजू धर्मशाला से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गो से होते हुए पचमठा आश्रम पहुॅचीं जहां पर विधि विधान के साथ शिव-पार्वती के विवाह का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ.
पचमठा में सम्पन्न हुआ विवाद
शिव-पार्वती का विवाह पचमठा में धूमधाम के साथ सम्पन्न हुआ. इस अवसर पर पचमठा आश्रम में दिल्ली के चौपडा एण्ड चौपडा ग्रुप द्वारा भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया. जिसमें अन्तर्राष्ट्रीय भजन गायिका शैलजा सिंह, कानपुर, भजन सम्राट उत्तम राय कोलकता, एवं प्रदीप सांवरा (हडिया,उ0प्र0)द्वारा भक्ति संगीत का कार्यक्रम प्रस्तुत कर उपस्थित श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया. कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता, नगर निगम रीवा के महापौर अजय मिश्रा बाबा, परिषद अध्यक्ष व्यंकटेश पाण्डेय, गुरूमीत सिंह मंगू, कविता पाण्डेय, शिवप्रसाद प्रधान, समिति के अध्यक्ष मनीष गुप्ता, कमलेश अग्रवाल, प्रतीक मिश्रा, संजय श्रीवास्तव, सुशील वर्मा, प्रतीक पाण्डेय, सुमित गुप्ता, सुरेश विश्नोई मौजूद रहे.
दर्शन के लिये शिवालय में उमड़ी भक्तो की भीड़
महाशिवरात्रि के दिन शिवालयो में भक्तो का तांता लगा रहा. तडक़े 4 बजे से किला स्थित महामृत्युंजय मंदिर में दर्शन शुरू हुआ और देर रात तक भक्त पहुंचते रहे. इसी तरह कोठी कम्पाउंड स्थित मनकामेश्वर मंदिर, गुढ़ के कष्टहरनाथ, देवतालाब के शिव मंदिर, चोरहटा स्थित मडफ़ेश्वर शिव मंदिर सहित सभी शिवालयों में दर्शन के लिये भक्तो का ताता लगा रहा. हालत यह थी कि कही पैर रखने तक की जगह नही थी. दर्शन के साथ लोगो ने अभिषेक भी किया और लोगो ने घरो में शिव पूजन कराया.
जगह-जगह भंडारे में बांटा गया प्रसाद
शिव मंदिरो के बाहर भक्तो को भंडारे का प्रसाद वितरित किया गया. महामृत्युंजय मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों के बाहर लोगो ने भंडारे का आयोजन किया गया. जहा प्रसाद का वितरण किया गया. इसके अलावा लोगो ने अपने घरो में भी भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर महाशिवरात्रि मनाई और भंडारे का प्रसाद वितरित किया. शहर में एक सैकड़ा से अधिक स्थानो पर भंडारे का प्रसाद बांटा गया. शिव मंदिरो के बाहर 10 से 15 भंडारे खुले थे जहा प्राद के लिये कतार लगी रही.
11 हजार पार्थिव शिवलिंगो का निर्माण
हिन्दू धर्म परिषद का लगातार दूसरे वर्ष मनकामेश्वर मंदिर में 11 हजार पार्थिव शिवलिंगो का निर्माण-पूजन और भंडारे का आयोजन विंध्य की धरा में प्रेरणादायी परम्परा की शुरूआत है. जिसका अनुशरण आने वाले समय में समूचा हिन्दू धार्मिक समाज करेगा. लोक कल्याण कारी ऐसे आयोजन करने के लिये आयोजन समिति की जितनी प्रशंसा की जाये वो भी कम है यह उदगार बतौर मुख्य यजमान संजय गांधी अस्पताल के पूर्व संचालक डॉ0 सी.बी.शुक्ला ने अपनी महाशिवरात्रि की शुभकामनाओं के साथ व्यक्त किये. आयोजन की शुरूआत नगर के शिवभक्त गणमान्य यजमानों ने विधिवत पूजा अर्चना के साथ कराई. जिनमें प्रमुख रूप से डॉ0 के0के0परौहा, श्रीमती रश्मी शुक्ला, आर.बी.द्विवेदी, आर.सी.एम., पियूष द्विवेदी मानस मंडल, पमन मंशानी, दिलीप ठारवानी मौजूद रहे.
31 फिट की त्रिशूल रही आकर्षण का केन्द्र
शिव बरात में धर्म ध्वजा, शहनाई, नगडिय़ा, घोड़ा,बग्घी, झंकार धमाल, महाकाल की पालकी, भगवान भोलेनाथ का 31फिट लम्बाई का त्रिशूल डमरू के साथ लोहे का बना हुआ जिसका वजन 551 किलोग्राम है, रक्तबीज कॉली की झांकी, आदियोगी भगवान की झांकी, केदारनाथ मंदिर की झांकी, नरसिंह अवतार की झांकी, राधाकृष्ण की रासलीला की झांकी, नंदी में सवार शिव पार्वती की झांकी, भोलेनाथ के परिवार की झांकी, विशालकाय चिंपाजी, देशभक्ति नृत्य, अघोरी नृत्य, संतजन तथा चलित आर्केष्ट्रा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहा.
उप मुख्यमंत्री ने ढेरा में विश्वेश्वरनाथ मंदिर में किया भगवान शिव का अभिषेक
महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल अपने गृह ग्राम ढेरा पहुंचे. उप मुख्यमंत्री ने ग्राम ढ़ेरा में विश्वेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक किया. उप मुख्यमंत्री ने भगवान शिव की विधिवत पूजा अर्चना और हवन किया प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि की कामना की. इस अवसर पर विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, कलेक्टर मऊगंज संजय कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे.
उप मुख्यमंत्री शिव जी की बारात में हुये शामिल
महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की बारात में निकाली गयी. उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बैजूधर्मशाला पहुंचकर शिव जी की बारात में शामिल हुये. उप मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पूजा-अर्चना करके विन्ध्य क्षेत्र और पूरे प्रदेश की खुशहाली की कामना की तथा आमजनों को महाशिवरात्रि पर्व की शुभकामनाएं दी. इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि विन्ध्य क्षेत्र में देश के सबसे प्राचीनतम शिव मंदिर स्थित हैं. रीवा में महामृत्युंजय मंदिर, देवतालाब शिव मंदिर, मनकामेश्वर मंदिर, गुढ़ में कष्टहरनाथ शिव मंदिर, बिरसिंहपुर में गैवीनाथ शिव मंदिर में हजारों भक्त प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक भजन पूजन करते हैं. भगवान शिव के आशीर्वाद से ही क्षेत्र का विकास हो रहा है. रीवा में शिव बारात आयोजन समिति पिछले कई वर्षों से महाशिवरात्रि पर भव्य शिव बारात का आयोजन कर रही है. हजारों लोगों का इसमें शामिल होना आयोजन की सफलता का प्रमाण है. भगवान शिव हम सब पर अपनी कृपा सदैव बनाये रखें.
जगह-जगह बरात का हुआ स्वागत
शिव जी की बारात बैजूधर्म शाला से शुरू होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुई पचमठा धाम पहुंची. शिव जी की बारात में धर्मध्वजा आगे-आगे चली. बरात में सहनाई, नगरिया, ढोल, नगाड़े जैसे पारंपारिक वद्यंत्रो से मधुर धुने बजाई गयी. बारात में घोड़ा, बग्घी विभिन्न भगवान की झाकियाँ सहित हजारों भक्तगण शामिल रहे. बारात के लिए पुलिस ने सुरक्षा और यातायात के विशेष प्रबंध किये. बारात का जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया. शिव बारात में भगवान राम, महाकाल और भैरव की झांकी आकर्षण का केन्द्र रही. बारात में 31 फिट का विशाल दिव्य त्रिशूल सबके आकर्षण का केन्द्र रहा.
