लंदन:भगोड़े घोषित किए जा चुके शराब कारोबारी विजय माल्या ने एक नए वीडियो पॉडकास्ट में चौकाने वाले दावे किए हैं। चार घंटे की लंबी बातचीत में माल्या ने कहा कि उन्होंने 2012 से 2015 के बीच चार बार बैंकों को सेटलमेंट ऑफर दिए, लेकिन उन्हें स्वीकार नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि उनका हमेशा से इरादा बकाया चुकाने का था और उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि वह भुगतान नहीं करना चाहते।
माल्या ने बताया कि उन्होंने भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष से हैदराबाद में मुलाकात कर सेटलमेंट की पेशकश की थी, लेकिन बैंकों ने 14,000 करोड़ रुपये की मांग करते हुए प्रस्ताव ठुकरा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी कंपनियों पर बैंकों का 6,203 करोड़ रुपये बकाया था, जबकि बैंकों ने उनकी संपत्तियों से 14,131.6 करोड़ रुपये की वसूली कर ली जो कर्ज से ढाई गुना अधिक है।
पॉडकास्ट में माल्या ने कहा कि किंगफिशर एयरलाइंस ने कभी सीधे एसबीआई से पैसा नहीं लिया, बल्कि एक ऋणदाता समूह के माध्यम से लोन लिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर एयरलाइंस का आकार छोटा करने की बात कही थी, पर मुखर्जी ने मना कर दिया।
माल्या ने अपने देश छोड़ने की सफाई देते हुए कहा, “2 मार्च 2016 को मैं एफआईए मीटिंग के लिए जेनेवा जा रहा था। मैंने अरुण जेटली को बताया और सेटलमेंट की बात करने वाला था। मेरा पासपोर्ट रद्द हुआ और मैं लंदन में फंस गया। यह कोई एस्केप प्लान नहीं था। मुझे चोर कहना गलत है।”उन पर धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड डायवर्जन के आरोप हैं, साथ ही कंपनी अधिनियम और पूंजी बाजार मानकों के उल्लंघन का भी मामला दर्ज है।
