
शुजालपुर। जिला एवं सत्र न्यायालय शाजापुर ने हत्या के एक चर्चित मामले में आरोपी केलाश राजाराम बरबंदिया 46 वर्ष निवासी पिपलिया थाना शुजालपुर सिटी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने आरोपी पर 5 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है, वहीं साक्ष्य मिटाने के प्रयास धारा 201 भादवि में 5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 1 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है.
अभियोजन के अनुसार 20 अक्टूबर 2022 को सिटी निवासी व्यक्ति की गुमशुदगी शुजालपुर सिटी थाने में दर्ज कराई गई थी. परिजनों ने बताया था कि युवक घर से खेत जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा, पुलिस ने जांच के दौरान संदेह के आधार पर आरोपी से पूछताछ की.
जांच में सामने आया कि आरोपी ने युवक की हत्या कर शव को ठिकाने लगाने का प्रयास किया. खेत क्षेत्र में झाडिय़ों के बीच से शव बरामद हुआ, जिसे कपड़े और प्लास्टिक में लपेटा गया था. मृतक के सिर व शरीर पर धारदार हथियार से चोट के निशान पाए गए. मामले में पुलिस ने धारा 302 व 201 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना पूरी कर चालान न्यायालय में पेश किया. प्रकरण में अतिरिक्त जिला लोक अभियोजन अधिकारी संजय मोरे ने पैरवी की. न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों एवं गवाहों के बयानों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषसिद्ध कर दंडित किया.
तहसील में पदस्थ थे मृतक
तहसील कार्यालय शुजालपुर में जमादार के पद से सेवानिवृत्त हुए शुजालपुर सिटी निवासी जीतमल कुम्भकार का शव पॉलीथिन में लिपटा हुआ मिला था, मृतक घटना स्थल वाले क्षेत्र में अपने उधारी के रुपए लेने के लिए गए थे. बताया जाता है कि इसी के चलते आरोपी ने हत्या की थी.
