इंदौर:इंदौर-जबलपुर के बीच चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन तीन साल बाद भी दोबारा बहाल नहीं हो सकी है. इसके बंद रहने से गुना, अशोकनगर सहित पूरे रूट के यात्रियों को दिन में सफर का सस्ता और सुविधाजनक विकल्प नहीं मिल पा रहा. मजबूरी में यात्री महंगी एक्सप्रेस ट्रेनों या बसों का सहारा ले रहे हैं. यह ट्रेन कोविड के दौरान बंद की गई थी, जिसे अब तक पटरी पर नहीं चलाया जा रहा है.
रेलवे द्वारा कोविड अवधि में बंद की गई इंदौर-जबलपुर इंटरसिटी पैसेंजर ट्रेन आज तक शुरू नहीं हुई. यह ट्रेन इस रूट पर दिन में सफर करने वालों के लिए सबसे उपयुक्त विकल्प थी. सप्ताह में तीन दिन चलने वाली यह सेवा इंदौर से सुबह 4.10 बजे रवाना होकर करीब 15 घंटे 25 मिनट का सफर तय कर जबलपुर पहुंचती थी. रास्ते में देवास, मक्सी, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, कटनी जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन आते थे. इसी तरह जबलपुर से यह गाड़ी सुबह 5.40 बजे चलकर रात आठ बजे के बाद इंदौर पहुंचती थी. लेकिन कोविड में सभी पैसेंजर ट्रेनों के साथ इसे भी बंद किया और फिर दोबारा संचालन बहाल नहीं हुआ. दूसरी ओर, उसी समय बंद हुई कई अन्य ट्रेनें अब ट्रैक पर लौट चुकी हैं.
मंहगे किराए के साथ ही बसों में हो रही भीड़
इस ट्रेन के बंद रहने से गुना और अशोकनगर की दिशा में यात्रा करने वालों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. इन स्टेशन तक पहुंचने के लिए अब कोई दिन की ट्रेन उपलब्ध नहीं है. मजबूरन यात्री बसों का रुख कर रहे हैं, जो लगातार फुल चल रही हैं साथ ही यह काफी मंहगा सफर साबित हो रहा है. यात्रियों का कहना है कि यह साबित करता है कि इस रूट पर पैसेंजरों की कमी नहीं है, जबकि रेलवे का तर्क ठीक उलट है.
फिलहाल इंदौर से जबलपुर के लिए केवल दो ही विकल्प बचे हैं, ओवरनाइट जबलपुर एक्सप्रेस और नर्मदा एक्सप्रेस. ये दोनों ट्रेन रात में चलती हैं और किराया इंटरसिटी की तुलना में काफी अधिक है. जहां इंटरसिटी में यात्रा करीब 160 रुपए में हो जाती थी, वहीं एक्सप्रेस ट्रेनों का किराया लगभग 355 रुपए तक पहुंच जाता है. नर्मदा एक्सप्रेस भी उज्जैन-शुजालपुर-भोपाल होकर जाती है, जिससे गुना रूट के यात्री छूट जाते हैं.
रीवा जाने वाले यात्री भी हो रहे प्रभावित
रीवा जाने वाले यात्रियों पर भी इसका सीधा असर पड़ा है. इंटरसिटी सप्ताह में तीन दिन रीवा तक भी चलती थी, जिससे कम किराए में सफर का विकल्प मिलता था. अब रीवा के लिए रात 8ः25 बजे चलने वाली दूसरी ट्रेन उपलब्ध है, जो भोपाल होकर जाती है, लेकिन गुना-अशोकनगर वाले यात्रियों के पास कोई दिन की सस्ती ट्रेन नहीं है.
यात्रियों की मांग है कि इंटरसिटी को फिर शुरू किया जाए या इसे रीवा तक बढ़ाकर दोबारा चलाया जाए, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई है. इस संबंध में पश्चिम रेलवे इंदौर के पीआरओ खेमराज मीणा ने कहा कि ट्रेन जबलपुर से बनती थी और यह वेस्ट सेंट्रल रेलवे के अधिकार क्षेत्र में आती है, इसलिए इंदौर मंडल इससे संबंधित जानकारी नहीं दे सकता
