
इंदौर. लोकायुक्त टीम ने धार में थाना राजोद पर कार्रवाई करते हुए उपनिरीक्षक और उसके कहे पर पैसे लेने आए एक निजी व्यक्ति को 10 हजार रुपयों की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया. उपर से कार्रवाई तेज रखने और भ्रष्टाचार पर सख्ती के निर्देश के बाद लोकायुक्त ने यह ट्रैप ऑपरेशन दोपहर में अंजाम दिया.
निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर ने बताया कि ग्राम अकोलिया, पोस्ट बरमण्डल निवासी जीवन राठौर ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि उसके रिश्तेदार तेजपाल के खिलाफ दर्ज मारपीट मामले में थाना राजोद के उपनिरीक्षक विक्रम देवड़ा लगातार दबाव बना रहे थे. शिकायतकर्ता का आरोप था कि तेजपाल को थाने से जमानत दिलाने, ट्रैक्टर छुड़ाने और मामले की आगे की कार्रवाई जल्दी निपटाने के बदले उपनिरीक्षक 12 हजार रुपए की मांग कर रहा था. लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में रिश्वत माँगने की पुष्टि होने पर टीम ने ट्रैप की योजना बनाई. सोमवार दोपहर करीब 2 बजे की गई रिकॉर्डिंग के दौरान उपनिरीक्षक विक्रम देवड़ा द्वारा 2 हजार रुपए प्राप्त किए जाने की पुष्टि हुई. इसके बाद बचे 10 हजार रुपए उपनिरीक्षक के निर्देश पर एक निजी व्यक्ति अंबाराम सिंघार द्वारा थाना परिसर में शिकायतकर्ता से लिए गए. इसी दौरान लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया. उपनिरीक्षक विक्रम देवड़ा और अंबाराम सिंघार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है. टीम आवश्यक जब्ती और आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटी है.
