वॉशिंगटन/तेहरान, (वार्ता) अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सबसे उन्नत और परमाणु संचालित विमानवाहक पोत ‘यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड’ और उसके स्ट्राइक ग्रुप को कैरिबियन सागर से हटाकर पश्चिम एशिया में तैनात करने का आदेश दिया है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय ईरान के साथ परमाणु वार्ता में गतिरोध और क्षेत्रीय अस्थिरता के बीच वाशिंगटन की सैन्य शक्ति के प्रदर्शन के तौर पर लिया गया है।
यह युद्धपोत अब फारस की खाड़ी और अरब सागर क्षेत्र में पहले से मौजूद ‘यूएसएस अब्राहम लिंकन’ और उसके सहायक बेड़े के साथ शामिल होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि दो विमानवाहक पोतों की एक साथ मौजूदगी इस क्षेत्र में वाशिंगटन की नौसैनिक ताकत को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा देगी, जिससे ईरान पर कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ेगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कदम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ हाल ही में हुई लंबी चर्चा के बाद उठाया है। बताया जा रहा है कि ओमान में तेहरान के साथ परमाणु कार्यक्रम पर चल रही अप्रत्यक्ष वार्ता में कोई ठोस परिणाम न मिलने से वाशिंगटन असंतुष्ट है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस तैनाती में गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक और निगरानी विमान भी शामिल हैं।
