नई दिल्ली। भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर उठे संशयों के बीच अब तस्वीर कुछ साफ होती दिख रही है। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट में हुए संशोधन और भारत सरकार की प्रतिक्रिया ने संकेत दिया है कि दोनों देशों के बीच शर्तों को लेकर नई सहमति बन रही है, जबकि अमेरिकी नेतृत्व इसे ऐतिहासिक बता रहा है और भारतीय उद्योगों खासकर टेक्सटाइल को अतिरिक्त लाभ मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
इधर,विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि अमेरिका द्वारा जारी फैक्ट शीट में किया गया बदलाव दोनों देशों के बीच बनी साझा समझ को दर्शाता है। साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अंतरिम समझौते पर संयुक्त बयान ही वास्तविक सहमति का आधार है और संशोधित दस्तावेज उसी दिशा का संकेत है।
शुरुआती फैक्ट शीट में भारत द्वारा दालों पर टैरिफ घटाने और अगले पाँच वर्षों में 500 अरब डॉलर के अमेरिकी उत्पाद खरीदने की प्रतिबद्धता का दावा किया गया था, लेकिन संशोधित संस्करण में दालों को समझौते से बाहर कर दिया गया और 500 अरब डॉलर को बाध्यकारी लक्ष्य के बजाय इरादा बताया गया।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए ऊर्जा निर्यात में अमेरिका की बढ़ती भूमिका का उल्लेख किया। वहीं केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिए कि अमेरिका से भारत को और रियायतें मिल सकती हैं, विशेष रूप से टेक्सटाइल सेक्टर को बांग्लादेश जैसी सुविधाओं के समान लाभ मिलने की संभावना जताई गई है। कुल मिलाकर संशोधित फैक्ट शीट, राजनीतिक बयानबाजी और संभावित व्यापारिक रियायतों ने इस अंतरिम डील को नए संतुलन और अवसरों के फ्रेम में ला खड़ा किया है।
