इंदौर: सुपर स्वच्छ शहर इंदौर ने अपने अनुभव और कार्यशैली को अब जिले के अन्य नगरीय क्षेत्रों में भी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं. इसके चलते नगर निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव ने स्वच्छता टीम के साथ ई बस के माध्यम देपालपुर पहुंचकर निरीक्षण किया. इस दौरान अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया, कार्यपालन यंत्री अश्विन जनवदे, वर्कशॉप प्रभारी मनीष पांडे, सौरभ माहेश्वरी, श्रद्धा तोमर, अंकुश जैन के साथ एनजीओ संस्था के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे.
इस दौरान आयुक्त श्री यादव ने देपालपुर नगर परिषद के जनप्रतिनिधियों तथा निगम अधिकारियों के साथ देपालपुर के ट्रेचिंग ग्राउंड का अवलोकन किया. इस दौरान उन्होंने बताया कि यहां 39 लाख रुपए की लागत से शीघ्र स्वच्छता पार्क का निर्माण किया जाएगा, जिसमें एमआरएफ प्लांट, कंपोस्ट प्लांट, एफएसटीपी प्लांट के साथ ही पुराने कचरे का निपटान बायो रेमिडिएशन पद्धति से किया जाएगा. सौन्दर्यीकरण कार्य भी किया जाएगा.
इसके पश्चात उन्होंने नगर के व्यवसायिक प्रतिष्ठानों, बाजारों तथा रहवासी क्षेत्र में भ्रमण कर, दुकानों एवं घरों से निकलने वाला कचरा किस प्रकार से रखा जाता है तथा किस प्रकार से नगर परिषद द्वारा संग्रहण किया जाता है, इसकी पूरी प्रक्रिया को देखा और समझा. इसके बाद उन्होंने परिषद अध्यक्ष अनीता महेश पुरी गोस्वामी, उपाध्यक्ष गोपाल कटेसरीया, अध्यक्ष प्रतिनिधि महेश पुरी गोस्वामी, पार्षदगण रवी चौरसिया, विमल यादव, रामकरण ठेकेदार और सोमील माली, पार्षद प्रतिनिधिगण मोहरसिंह नागर, करामत खान, अनिल धाकड़, तोसिफ खान, मजीद खान के अलावा सीएमओ बहादुर सिंह तथा अन्य जनप्रतिनिधियों तथा व्यापारियों के साथ परिषद भवन में स्वच्छता के संबंध में आगे की प्लॉनिंग को लेकर विचार-विमर्श किया.
सफाईकर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण
चर्चा के दौरान निगमायुक्त ने कहा कि मुख्य रूप से नागरिकों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता लानी होगी, स्वभाव और आदत में में स्वच्छता डालनी होगी, स्वच्छता जागरूकता के लिए नगर निगम के अधिकारियों, एनजीओ प्रतिनिधि एवं परिषद के प्रतिनिधियों के साथ नगर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा. इसके अंतर्गत परिषद के प्रतिनिधियों, स्कूल, मार्केट, व्यवसायिक दुकानों के साथ स्वच्छता पर जागरूकता का कार्य किया जाएगा. साथ ही सफाईकर्मियों को सफाई के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा, संसाधनों की पूर्ति के साथ रिपेयरिंग आदि का कार्य किया जाएगा. मुख्य रूप से प्रत्येक बाजार व घरों से कचरे के संग्रहण और उसके सेग्रिगेशन पर विशेष रूप से कार्य किया जाएगा. साथ ही सिंगल यूज प्लॉस्टिक को रोकने के लिए व्यापारियों को समझाइश दी जाए. वहीं, देपालपुर को वॉटर प्लस, 3 स्टार बनाने के संबंध में भी चर्चा की गई.
